दुर्घटना स्थल पर जांच करते अधिकारी।
स्थानीय स्टेशन के पास 20 नवंबर को भोर पहर हुई ट्रेन दुर्घटना में आतंकी साजिश के सुराग तलाशने शुक्रवार को लखनऊ एटीएस फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर गहनता से जांच की। क्षतिग्रस्त कोचों के कुछ हिस्सों की वीडियोग्राफी और फोटो कराई गई। क्षतिग्रस्त कोच बी-2 की बैट्री जली हुई मिली। पटरियों के टूटे हिस्से को भी देखा। जांच के संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। हालांकि, विस्फोट होने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई।
20 नवंबर को पुखरायां स्टेशन से 500 मीटर पहले इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 15 कोच पटरी से उतर गए थे। हादसे में 153 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग जख्मी हुए थे। रेलवे मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य के निर्देशन में जांच जारी है। अब ट्रेन हादसों के तार आतंकी हमले से जुड़े होने की सूचना पर शुक्रवार को एटीएस के विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, श्याम सुंदर सिंह और कानपुर जोन इंचार्ज पीके श्रीवास्तव ने जांच-पड़ताल की।
दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कोच एस-वन और एस-टू के अलग हुए हिस्सों और मलबे को जांचा और कुछ फोटो भी कराए। पहले से चिह्नित की गई क्षतिग्रस्त पटरी का एक कोना टूटा मिला। दुर्घटना के बाद निकाल कर रखी गईं पटरियों को देखा, जो जर्जर थीं और चाबी कसे जाने वाला हिस्सा भी कमजोर था। कोच बी-2 के नीचे लगी बैट्री पूरी तरह जली हुई मिली, जिससे इसके शॉर्ट होने का अनुमान लगाया गया। मौके पर विस्फोटक जैसी कोई चीज नहीं मिली। कोतवाल राधामोहन दुबे, चौकी इंचार्ज पुखरायां अमरसिंह और आरपीएफ के केएस मीणा मौजूद रहे।