सूरत से नेपालगंज जा रही टूरिस्ट बस को एआरटीओ ने शुक्रवार भोर के समय बारा टोल प्लाजा के पास पकड़ लिया। टूरिस्ट बस के चालक से बस के मूल कागजात मांगे। मूल कागजात न मिलने एआरटीओ ने बस को सीज कर दिया। इसके चलते बस में बैठे 60 यात्रियों को नीचे उतार दिया गया। भीषण गर्मी के माहौल में सुबह से लेकर शाम तक भूख व प्यास से बस यात्री परेशान रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के दखल के बाद शाम को गाड़ी छोड़ी गई।
शुक्रवार भोर पीटीओ विनय पांडेय ने बारा टोल प्लाजा पर एक टूरिस्ट बस को पकडा। बस में 60 यात्री जा रहे थे। एआरटीओ ने चालक नवनीत चौधरी व परिचालक अरुण कुमार से बस के मूल कागज मांगे, लेकिन चालक ने फोटोकॉपी दिखा दी। इस पर एआरटीओ भड़क गए और बस को सीज कर रनियां पुलिस चौकी पर खड़ा करा दिया। बस में बैठे सभी यात्री सुबह से शाम तक रनियां पुलिस चौकी में बैठे रहे और भूख और प्यास से यात्री बिलबिलाते नजर आए।
चालक नवनीत ने बताया कि बुधवार शाम को सूरत से नेपालगंज जाने के लिए निकला था। बस में सवार 60 यात्री सूरत में ही काम करते हैं, जो कि अपने घर जा रहे हैं। कई बार एआरटीओ को फ ोन से यात्रियों की समस्या के बारे में बताया, लेकिन एक नहीं सुनी। इस पर यात्रियों ने अमर उजाला कार्यालय कानपुर फोन कर मदद मांगी। एडीएम (प्रशासन) शिवशंकर गुप्ता ने एआरटीओ को फोन कर जानकारी ली। इसके बाद आननफानन में फोटो कॉपी के कागजों के मिलान इंटरनेट से किया गया। इसके बाद गाड़ी को रिलीज किया।
पीटूओ विनय पांडेय ने बताया कि मूल कागज की फोटो कापी दिखाने पर बस सीज की गई थी। मिलान के बाद छोड़ दिया गया है।
बस से नेपालगंज जाने वाले के लिए सवार लोगों की बस को रनियां में सीज कर दिया गया। इसके बाद यात्री पूरे दिन इधर- उधर भटकते रहे। किसी ने नहीं सुनी। प्रशासन ने कोई दूसरी बस की व्यवस्था भी नहीं की। इसको लेकर यात्रियों ने रनियां चौकी में हंगामा किया। रनियां पुलिस ने एआरटीओ से बात की। दोपहर से लेकर शाम हो गई, लेकिन यात्रियों को भेजने की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी। वहीं यात्रियों के साथ छोटे- छोटे बच्चे बूंद- बूदं पानी को तरसते रहे।