जालौन के दिनेश पांडेय की मौत केे बाद उस पर दर्ज हो रहे मुकदमे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 16 नवंबर 2013 को दिनेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद कानपुर देहात और जालौन के थानों में मुकदमे दर्ज होते रहे। साथ ही एसडीएम कोर्ट से जमानत भी मिलती रही। परिजनों ने तहसील दिवस में डीएम व एसपी से शिकायत की, तब पुलिस के कारनामे का खुलासा हुआ। एसडीएम भोगनीपुर व एसडीएम उरई ने चालान भेजने वाले संबंधित थानों के थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण तलब कर रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि जालौन के थाना सिरसा कलार क्षेत्र के जहटौली गांव निवासी दिनेश कुमार पांडेय (35) पुत्र जमुना प्रसाद पांडेय प्रापर्टी डीलर था।
लेने-देने के विवाद होने पर उसके सहयोगी देवेंद्र यादव अपने दो साथियों अजय निवासी उरई और चरन सिंह निवासी जालौन के साथ मिलकर दिनेश पांडेय की गोली माकर हत्या कर दी थी। घटना को छिपाने के लिए शव को एट थाने के गांव पिरौना नहर के पास फेंक दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को मुस्लिम समझ कर दफना दिया था। समाचार पत्रों से मिली जानकारी पर परिजन ने प्रशासन से शिनाख्त कराने की गुहार लगाई थी। एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में कब्र खोदी गई, परिवारीजनों ने दिनेश की पुष्टि की थी। इसके बाद भाई सुरेश पांडेय की तहरीर पर देवेंद्र यादव, अजय सिंह उर्फ चिंटू और चरन सिंह के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जिला जज की अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से दिनेश की हत्या के बाद उरई और कानपुर देहात जिले के परगना मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वर्ष 2015 में शांति भंग के आरोप में जमानत कराने संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराकर आरोप झूठा होने की बात कही। तभी घटना ने नया रूप ले लिया। पुलिस की जांच दूसरी तरफ घूमी।
भाई सुरेश पांडेय ने डेरापुर तहसील दिवस में डीएम व एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि थाना भोगनीपुर में 13 मई 2015 को महिपाल सिंह निवासी सुल्तनापुर ने दिनेश कुमार पुत्र जमुना प्रसाद व मनोज कुमार के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज कराई। पुलिस ने बिना जांच किए एसडीएम भोगनीपुर कोर्ट में दोनों आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर चलानी रिपोर्ट भेज दी गई।
एसडीएम न्यायालय से आरोपी दिनेश पांडेय और आरोपी मनोज जमानत दे दी गई। इसके बाद डेरापुर थाना में 17 मई 2015 को रामके श पुत्र कन्हैया लाला निवासी कथरी थाना सटटी की तहरीर पर पुलिस ने दिनेश पांडेय निवासी जहटौली थाना सिरसा कलार, जालौन व अवधेश निवासी सनिहांपुर डेरापुर के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिला उरई के कोतवाली दरोगा राम नरेश यादव ने एक पक्षीय चालानी रिपोर्ट 21 अक्टूबर 2016 को सुरेश कुमार पांडेय और दिनेश कुमार पांडेय के नाम से एसडीएम उरई के न्यायालय भेजी थी। चालानी रिपोर्ट में भी दोनों व्यक्तियों के नाम धारा 111 का नोटिस जारी किया गया। उसके बाद दोनों व्यक्तियों की ओर से अधिवक्ता द्वारा निजी बंध पत्र पर जमानत दे दीग गई, जो कि न्यायालय की पत्रावली में संलग्न हैं।