रूरा में सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस हादसे के 34 घंटे बाद शाम को ट्रैक बहाल कर दिया गया। डाउन लाइन से पहली बस्ती रैक मालगाड़ी गुजारी गई। इसके बाद श्रमशक्ति एक्सप्रेस के खाली रैक को कानपुर के लिए पास किया गया। वहीं, अप लाइन चालू करने के लिए रेलवे की टीम देर रात तक जुटी रही।
बुधवार की सुबह अजमेर जा रही अजमेर सियालदह एक्सप्रेस रूरा के पास हादसे का शिकार हो गई थी। इसमें 14 डिब्बे पटरी से उतर गए और दो डिब्बे नहर में गिर गए। हादसा इतना भयानक था कि देखने वाले लोग भी कांप गए। हादसे के बाद से दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग ठप हो गया। इस रूट की तमाम ट्रेनों को डायवर्ट कर दूसरे रूटों से गुजारा गया। हादसे के दूसरे दिन रेेलवे कर्मियों की टीम ट्रैक को क्लियर करने दिन रात जुटी रही। 34 घंटे बाद शाम 4:55 बजे बस्ती बाक्स को डाउन लाइन से गुजारकर ट्रायल किया गया। आधे घंटे बाद श्रमशक्ति
एक्सप्रेस के खाली रैक को कानपुर के लिए रवाना किया गया।
वहीं, अप लाइन को चालू करने के लिए रेलवे की इंजीनियरिंग टीम जुटी रही। देर राततक ट्रैक चालू किए जाने की संभावनाएं थीं। वहीं, हादसे के बाद डैमेज हुए पुल की मरम्मत की गई है। क्रेन ने सभी डिब्बों को पटरी से हटाकर किनारे डाल दिया है। रेलवे के इस आपरेशन के समय उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना और डीआरएम एसके पंकज सहित तमाम रेलवे के उच्चाधिकारी रूरा में कैंप किए रहे।