नकली देशी शराब (माधुरी) बनाने और बेंचने के आरोप में पकड़े गए तीन युवकों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जबकि, धंधे के सरगना की तलाश शुरू की है। पुलिस ने सरगना का नाम देर रात दर्ज की गई एफआईआर में शामिल किया। आरोपियों के खिलाफ उप्र उत्पाद शुल्क/आबकारी अधिनियम और कापी राइट एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
थानाक्षेत्र के शीतलपुर गांव निवासी जीतू सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह के यहां नकली शराब बनाए जाने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा था। मौके से जीतू सिंह और लवकुश साहू को पकड़ा गया था। उनकी निशानदेही पर पड़ोसी गांव राहा निवासी सुनील संखवार को भी पकड़ा गया। वह नकली शराब बेचता था।
देर रात तक पुलिस सिर्फ तीन लोगों के ही धंधे में शामिल होने की बात कहती रही। जबकि, पकड़े गए युवक धंधे के सरगना का नाम बता रहे थे। लेकिन, पुलिस उनकी बात को अनसुना किए रही। इस दौरान सरगना को फरार होने और अन्य माल हटवाने का मौका भी मिल गया।
पकड़े गए युवकों ने खुद को मामूली कर्मचारी जैसी हैसियत वाला बताया है। उन्होंने धंधे के सरगना रवि पंडित नामक युवक का नाम लिया तो पुलिस ने चौथा नाम भी फर्द में शामिल किया है।
लेकिन, चौथे नाम में सिर्फ रवि पंडित पुत्र नामालूम निवासी कसबा घाटमपुर (कानपुर) ही दर्ज किया है। उसके पिता का क्या नाम है और किस मोहल्ले का रहने वाला है इसका कहीं उल्लेख नहीं है। पकड़े गए युवकों ने बताया कि यदि पुलिस उनकी बात पर विश्वास करके त्वरित कार्रवाई करती तो बड़ी सफलता हाथ लग सकती थी। थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि रवि पंडित की तलाश की जा रही है।