ग्रामीणों ने चौकी इंचार्ज को पीटा।
रसूलाबाद। रसूलाबाद-विषधन मार्ग पर मेघजाल गांव के पास शनिवार देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। रात भर शव गड्ढे में ही पड़ा रहा। रविवार सुबह साढ़े सात बजे असालतगंज चौकी इंचार्ज पहुंचे तो ग्रामीणों ने दौड़ा कर पीटा।
कहा, अगर रात में पुलिस गश्त पर होती तो गड्ढे में गिरे पड़े युवक की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने शव रखकर तीन घंटे तक जाम भी लगाए रखा। सीओ और एसडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराकर जाम खुलवाया।
इधर चौकी इंचार्ज से मारपीट के मामले में 13 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शनिवार को गदाईपुर निवासी विकास (21) अपने चचेरे भाई लिटिल को छोड़ने बाइक से दिबियापुर गया था। गांव का ही सुनील कुमार उर्फ भोला (20) दूसरी बाइक से अपनी बहन भूरी को ससुराल दिबियापुर भेजने गया था।
सुनील का चचेरा भाई राकेश भी उसके साथ था। शनिवार देर रात दिबियापुर से लौटते वक्त विकास और सुनील एक बाइक पर सवार थे। रसूलाबाद-विषधन रोड पर किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। दोनों गड्ढे में जा गिरे।
रात भर दोनों गड्ढे में पड़े रहे। सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ी तो पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। फिर विकास और सुनील को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। वहां विकास को मृत घोषित कर दिया गया। इससे भड़के ग्रामीण शव को घटनास्थल पर ले आए और रसूलाबाद-विषधन मार्ग जाम कर दिया। चौकी इंचार्ज संतोष सोनकर मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण उनके साथ-साथ मारपीट करने लगे।
करीब एक घंटे के बाद पहुंचे क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण मिश्रा व एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को शांत कराकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों इस बात से गुस्से में थे कि पुलिस रात को गश्त नहीं करती है। अगर पुलिस गश्त करती तो विकास की जान बच सकती थी। इधर दूसरे बाइक पर सवार राकेश आगे चल रहा था। इससे उसको भी हादसे की जानकारी नहीं हो सकी। वह रात भर दोनों को खोजता रहा।