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वजीफे के लिए तरस रहे 815 छात्र-छात्राएं

Fri, 29 Jul 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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भूमिहीन गरीब परिवारों के कक्षा नौ व 12 में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति देकर पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने की योजना को साकार करने में देरी हो रही है। इसी कारण आवेदन करने के बावजूद लाभार्थी 815 विद्यार्थियों को समय से वजीफा नहीं मिल पा रहा है।
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आम आदमी बीमा योजना के तहत अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 65, भोगनीपुर में 120, डेरापुर में 560, रसूलाबाद में 67 और सिकंदरा तहसील में तीन छात्रों के छात्रवृत्ति संबंधी दावे कई माह से लंबित हैं। छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावक कभी लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार के यहां तो कभी कलक्ट्रेट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एलआईसी आफिस जाने पर वहां भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है।

ग्रामीणों की मानें तो कई माह पहले उन लोगों ने छात्रवृत्ति का भुगतान पाने के लिए दावा पेश किया था। तब एलआईसी के जरिए क्लेम की धनराशि 600 रुपये प्रति छात्र का जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया था।  पर स्थिति जस की तस है। तहसील जाने पर लेखपाल यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उन्होंने क्लेम करा दिया है। भुगतान अभी बीमा कंपनी एलआईसी की ओर से नहीं आया है। ऐसे में वे लोग कहां से वजीफा दिला दें।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता का कहना है कि आम आदमी योजना के तहत छात्रवृत्ति के लंबित आवेदनों को जल्द निस्तारित कराया जाएगा। सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर एलआईसी के जरिए क्लेम भुगतान के निर्देश देंगे। जरूरत पड़ी तो एलआईसी के अफसरों को भी पत्राचार किया जाएगा। इसके बावजूद भुगतान में देरी हुई तो कार्रवाई भी होगी।
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