जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह ने ड्यूटी के दौरान गायब रहने वाले डाक्टर व कर्मचारियों समेत 45 लोगों का एक दिन का वेतन व मानदेय काटने के आदेश दिए हैं। इस आशय का पत्र उन्होंने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भेजकर तत्काल पालन कराने को कहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सीडीओ से जिला अस्पताल महिला व पुरुष, सभी एसडएम व तहसीलदारों से सीएचसी व पीएचसी का 22 जुलाई को औचक निरीक्षण कराया गया था। जांच अधिकारियों से मिली आख्या के अनुसार 45 लोग गायब मिले। इनमें जिला अस्पताल के डा. पवन आर्या, डा. जसवंत रत्नाकर, डा. राजीव गुप्ता, डा. अवधेश कटियार, डा. अनूप कुमार, स्टाफ नर्स सुजाता, लैब टैक्नीशियन मनोज, फिजियोथेरेपिस्ट मनीष श्रीवास्तव, अर्दली यतेंद्र बहादुर व विवेक शुक्ला, वार्ड ब्वाय रजनीश शुक्ला, वार्ड आया सुधा कुशवाहा, शोभा त्रिवेदी, रीता कटियार, संविदा पर तैनात पैथालॉजिस्ट डा. एके गुप्ता, आई स्पेशलिस्ट डा. उमेश चंद्रा, आर्थोपेडिक डा. एलआर सचान, पैथालाजिस्ट डा. केके रघुवंशी, चिकित्साधिकारी डा. नीलिमा सिंह, निश्चेतक डा. शालू, डा. अवधेश पांडे का वेतन काटा गया है। जिला अस्पताल में सर्वाधिक 21 डॉक्टर-कर्मचारी गायब मिले थे।
इसी तरह सीएचसी डेरापुर के चिकित्साधीक्षक डा. आईएच खान, डा. मनोज गुप्ता, डा. सोनाली आनंद, डा. पवन गुप्ता, वार्ड ब्वाय गनेशकुमार, स्वास्थ्य कर्मी ज्ञान प्रताप, योगेद्र, वीके तिवारी, शांति कटियार, भानु प्रताप, आरएन शुक्ला, राजपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. डीके सिंह, चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक सचान, कर्मचारी कंचन देवी, देवेंद्र कुमार, रानू कटियार, सिकंदरा सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. सुरुचि गुप्ता, डा. विवेक गुप्ता, कर्मचारी रामबाबू, सतीश कुमार, वंदना, मैथा पीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. विमलेश, कर्मचारी आरएन चौधरी, अमित गौतम का एक दिन का वेतन काटा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्रवाई की जानकारी प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महानिदेशक, सीएमओ के अलावा सीएमएस को भी भेज दी गई है।