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एक साल बाद भी 2.35 लाख किसानों को अनुदान नहीं

Fri, 06 May 2016 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
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 एक वर्ष पहले कुदरत का कहर झेलने वाले जिले के दो लाख 35 हजार 960 किसानों के जख्मों पर अभी तक अनुदान का मरहम नहीं लग सका है। किसान कभी तहसील तो कभी कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नौकरशाह यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि बजट ही नहीं है तो वे मुआवजा कहां से दें।
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दैवी आपदा के वक्त केंद्र सरकार ने 33 फीसदी से ज्यादा क्षेत्रफल में फसल नष्ट होने पर किसानों को जल्द अनुदान दिलाने का भरोसा दिलाया था, जो हवाहवाई साबित हो रहा है। लेटलतीफी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 44 फीसदी किसान ही अनुदान पा चुके हैं, जबकि 56 फीसदी किसान इंतजार करने को मजबूर हैं।

मालूम हो कि वर्ष 2015 में फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने में बारिश व ओलावृष्टि ने जिले भर में भीषण तबाही मचाई थी। खेतों में लहलहाती फसलें एक झटके में तबाह हो गई थीं। तब शासन-प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने किसानों को राहत दिलाने के वादे करके उनके आंसू पोंछे थे पर आलम यह है कि 12 से लेकर 15 महीने बीत गए लेकिन मात्र एक लाख 81 हजार 967 किसानों को ही सरकारी इमदाद मिल सकी है। यानी दैवीय आपदा का शिकार हुए आधे से ज्यादा किसानों की झोली अभी तक खाली है।
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