सजेती/घाटमपुर (कानपुर)। थाना सजेती के टिकवांपुर गांव में शराब पीने से एक युवक की मौत हो गई। वह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में किसी गुटखा फैक्ट्री में कर्मचारी था। दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया था। परिजनों ने बताया कि मृतक ने गांव की ही परचून की दुकान से शराब खरीदकर पी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि मौत जहरीली शराब से नहीं हुई है। मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है।
घरवालों का कहना है कि अरुण कुमार पासवान (38) ने मंगलवार को गांव के ही एक परचून की दुकान से देसी शराब खरीदी और गांव के ही राघवेंद्र सविता के साथ बैठकर कर पी। शाम करीब 4 बजे अरुण को उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे हमीरपुर के जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी जैसे ही उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मृतक के बड़े पुत्र लवकुश पासवान ने बताया कि पिता ने गांव की एक परचून की दुकान से शराब खरीदकर पी थी। आरोप लगाया है कि गांव में चार-पांच जगह परचून की दुकानों पर खुलेआम शराब की बिक्री होती है। जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी है। इस धंधे में गांव के चौकीदार और उसका पुत्र भी शामिल है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत अधिक शराब पीने और बीमारी से हुई है। सजेती थानाध्यक्ष अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मृतक शराब का लती था। उसका लीवर खराब हो चुका था। डाक्टरों ने उसको शराब पीने से मना कर दिया था। इसके बावजूद मंगलवार को अपने साथी राघवेंद्र सविता के साथ बैठकर शराब पी और मछली खाई थी।
बताया कि यदि शराब जहरीली होती तो साथी राघवेंद्र के ऊपर भी उसका असर होता। स्पष्ट है कि मौत शराब पीने से नहीं बल्कि, लीवर फेल होने से हुई है। हमीरपुर में पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों ने अरुण की मौत के बारे में स्पष्ट राय नहीं दी है। उन्होंने जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया है।
परचून की दुकान से खरीदी शराब के पीने से युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो