भीतरगांव (घाटमपुर)। पुलिस चौकी साढ़ के गांव गौरी-ककरा में मंगलवार को शराब ठेका खोले जाने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने दुकानदार और सेल्समैन को गांववालों ने दौड़ा लिया। ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की कर वापस जाने को कहा। विरोध प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। दुकानदार ने बताया कि जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों को दी है।
मार्च में जहरीली शराब पीने से पड़ोसी गांव सुखइयापुर में दो लोगों की मौत हुई थी। गौरी-ककरा शराब ठेके में सुखइयापुर गांव निवासी राहुल यादव सेल्समैन था, और उसकी परचून की दुकान से खरीदी गई शराब से दो लोगों की मौत हुई थी। इसी इलाके के गांव खदरी में छह और भेलसा में एक मौत हुई थी। जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत के बाद गौरी-ककरा गांव का देशी शराब ठेका सुर्खियों में आया था और उसको निलंबित कर दिया गया था। सेल्समैन राहुल यादव उसका भाई राजू यादव और चाचा सुरेश यादव इस समय जेल में हैं।
इधर, आबकारी विभाग ने शराब ठेके की नए सिरे से नीलामी की है। दुकान विनय सिंह के नाम एलाट हुई है। विनय सिंह मंगलवार की सुबह सेल्समैन राजू तिवारी के साथ ठेका खोलने पहुंचा। जैसे ही जानकारी गौरी-ककरा गांव के लोगों को हुई तो वह शराब ठेके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। दुकानदार और सेल्समैन ने उनको हड़काना चाहा तो भीड़ भड़क गई। महिलाओं और कुछ लोगों ने दुकानदार और सेल्समैन को घेरकर धक्का-मुक्की कर दी।
मामला बिगड़ते देख दुकानदार विनय सिंह वहां से भाग निकला। लेकिन, सेल्समैन राजू तिवारी नहीं भाग पाया। गांव निवासी रामसिंह, नन्हकू सिंह, गयाप्रसाद, मिथलेश, गायत्री, नन्हकी और रामखेलावन आदि ने बताया कि वह लोग किसी भी कीमत पर अपने गांव में शराब ठेका नहीं खुलने देंगे। महिलाओं ने बताया कि ठेका बंद होने के बाद आपसी विवाद काफी कम हो गए हैं। युवकों की नशेबाजी की प्रवृत्ति पर भी थोड़ा अंकुश लगा है।
जिला आबकारी अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया कि गौरी-ककरा गांव में पूर्व के अनुज्ञापी का लाइसेंस खत्म करके नए सिरे से दुकान का आवंटन किया गया है। बताया कि गांववालों का विरोध नियमानुसार गलत है।
गौरी-ककरा गांव में शराब ठेका खोले जाने का विरोध, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो