घाटमपुर। अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्कूलों में बच्चों को मेन्यू के मुताबिक मिड डे मील नहीं मिल रहा है। इसकी बानगी मंगलवार को कस्बा स्थित स्कूलों में देखने को मिली। मेन्यू के मुताबिक मंगलवार को बच्चों को भोजन में दाल-रोटी परोसी जानी थी। लेकिन, संबंधित संस्था के लोग दो-दो रुपये कीमत वाले बिस्कुट के पैकेट लेकर बच्चों को बांटने पहुंचे। इस पर बच्चों ने मिड डे मील का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्राथमिक विद्यालय घाटमपुर के प्रधानाचार्य हरीसिंह और जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाचार्य भोली देवी ने बताया कि कस्बे के कुल छह विद्यालयों (जिनमें) दो मदरसे भी शामिल हैं। वहां पर बच्चों को मिडे मील परोसने का जिम्मा स्वयंसेवी संस्था जन हितकारी सेवा संस्थान प्रतापगढ़ के पास है।
शिक्षकों ने बताया कि संस्था के लोग कभी मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं परोसते हैं। इतना ही नहीं परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी खराब होती है। इसके चलते ज्यादातर बच्चे भोजन खाने से मना करते हैं। शिक्षकों ने बताया कि संस्था के लोग मेन्यू के मुताबिक बच्चों को फल और दूध तो बांटते ही नहीं हैं। मंगलवार को बच्चों के दाल-रोटी परोसी जानी थी। लेकिन, संस्था के लोगों ने उनको बिस्कुट के पैकेट पकड़ाने शुरू किए तो बच्चों ने लेने से मना कर दिया। शिक्षकों ने भी इसका विरोध किया तो संस्था के लोग लौट गए। शिक्षकों ने इसकी शिकायत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी और जिलाधिकारी के पास भेजने की बात कही।
वहीं खंड शिक्षाधिकारी (घाटमपुर) अमर सिंह पाल ने भी स्वयंसेवी संस्था पर मिड डे मील परोसने में लापरवाही की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि वह इसकी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेज रहे हैं। जबकि, संस्था का ठेका रद करने की भी संस्तुति करेंगे।
इधर, मिड डे मील के जिला समन्वयक सौरभ पांडेय ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। उन्होंने कहा कि वह शिकायत मिलने पर उसकी जांच करेंगे और संबंधित संस्था के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी करेंगे।