फिरोजाबाद। यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार को सुबह से बढ़ना प्रारंभ हो जाएगा। सोमवार सुबह ओखला बैराज से एक लाख 92 हजार 117 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मथुरा गोकुल बैराज से 83820 क्यूसेक पानी छोड़ा है। पानी बढ़ने की आशंका के चलते यमुना की तलहटी वाले इलाकों के नागरिकों ने सामान को समेटना प्रारंभ कर दिया है। ताकि दोबारा से भूसा आदि चपेट में नहीं आने पाए। पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने और दिल्ली के ओखला बैराज व मथुरा गोकुल बैराज से पानी कम मात्रा में छोड़े जाने के कारण यमुना में साढ़े तीन से चार फीट तक पानी घट गया था। पानी घटने के साथ तलहटी के गांव भैंसावट, तीनों माली पट्टी, सोफीपुर, शंकरपुर, उस्मानपुर, कबीरपुरा, काले पिल्लू, नयाबांस के साथ आस पास के गांव के किसानों ने हरी फसलों को काटकर पशुओं को चारा के रूप में प्रयोग करना तथा भूसे की बुर्जी से भूसा आदि निकालना प्रारंभ कर दिया था। लेकिन किसानों को जब हिमांचल, उत्तराखंड सहित दिल्ली आदि में बारिश होने के कारण जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिली तो किसानों की नींद उड़ गई। किसान तलहटी वाले खेतों से सामान को समेटने में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कि रक्षाबंधन के आस-पास बारिश होने से जलस्तर बढ़ सकता है। इधर जिले में सिंचाई विभाग में स्थापित कंट्रोल रूम की मानें तो सोमवार को सुबह यमुना में दिल्ली से एक लाख 92 हजार 117 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि रविवार की शाम को यह आंकड़े एक लाख के करीब था। मथुरा गोकुल बैराज से भी सोमवार को सुबह 83820 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कंट्रोल रूम सूत्रों का कहना है पहाड़ी राज्यों में एक बार फिर बादल फटने एवं बारिश होने के कारण यमुना में जलस्तर बढ़ना तय है। मंगलवार को सुबह से पानी बढ़ने का सिल-सिला प्रारंभ हो जाएगा। यमुना की तलहटी के लेखपाल एवं सचिवों के द्वारा लगातार सूचनाएं दी जा रही हैं।
-दिल्ली के ओखला बैराज एवं मथुरा गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने की क्षमता में हुई वृद्धि
-तलहटी के गांव के किसानों ने एक बार फिर तलहटी क्षेत्र से सामान समेटना कर दिया प्रारंभ