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Firozabad News: तेजी से बढ़ रहा यमुना जलस्तर, खेत जलमग्न

Sun, 16 Jul 2023 12:24 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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टूंडला। दिल्ली में जहां यमुना जलस्तर घट रहा है, वहीं टूंडला में तेजी से यमुना जल स्तर बढ़ रहा है। शनिवार को यमुना का पानी किसानों के खेते में प्रवेश कर गया। हालांकि यमुना जलस्तर अभी खतरे के निशान से चार मीटर दूर है। टूंडला में 155 मीटर पर खतरे का निशान है, जो अभी 151 मीटर तक पहुंच गई है। बाढ़ की दस्तक को भांपते हुए किसान बढ़ते जल स्तर पर नजरें गड़ाए हैं।
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हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली के बाद अब मथुरा, आगरा व टूंडला में अपना रौद्र रूप लेता जा रहा है। शनिवार शाम को यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा। यमुना का बढ़ता पानी तटवर्ती गांव ग्वारई, नगला काले, रामगढ़, कुतकपुर साहब, फुलट्टी, गार्डन, रसूलाबाद आदि के खेतों में पहुंच गया। तेजी से बढ़ते जनस्तर को देखते हुए तटवर्ती किसान चौकन्ने हो गए हैं। वे डूबी फसलों को पशुओं का चारा बना रहे हैं।

पिछले चार दिनों से यमुना जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। शनिवार को भी तेजी से यमुना जलस्तर बढ़ा है यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल स्तर और बढ़ा तो यमुना की खादरों में खड़ी बाजरा, मक्का, ज्वार व सब्जियों की फसल डूब गई हैं।
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इन गांवों के किसान हैं प्रभावित
यमुना में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के कारण एत्मादपुर सीमा से लेकर बटेश्वर तक का क्षेत्र प्रभावित है। नगला केशों, रुधऊ मुस्तकिल, अनवारा, जटपुरा, बालमपुर, रसूलाबाद, ग़दलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार डेका, ठार वर, ठार हरवंस, नगला राजपति, ग्वारई, घुरुकूआं, नगला नंदा, नगला मूसटा , नियामतपुर, नगला दुलई आदि गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हैं।



प्रशासन दे मुआवजा
पांच बीघा धान, 10 बीघा बाजरा की को यमुना ने अपने आगोश में ले लिया है। बाढ़ की स्थिति के बाद दोबारा फसल बोनी पडे़ेगी। - नारायन सिंह, किसान रसूलाबाद


आठ बीघा बाजरा, छह बीघा मक्का व दो बीघा ज्वार की फ़सल पानी भर जाने से फ़सल नष्ट होगी। प्रशासन मुआवजा दे तो राहत मिल जाएगी। - शांकर लाल, किसान, ठार रामस्वरूप




टूंडला क्षेत्र में खतरे का निशान 155 मीटर पर है। यहां शनिवार शाम तक यमुना का जल स्तर 151 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पांच बाढ़ चौकियां, 12 नाव व 24 तैराकों को तैयार रहने को कहा है। राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व सचिवों की ड्यूटी लगाई है। - सत्येन्द्र सिंह, एसडीएम, टूंडला



शनिवार को पौन मीटर बढ़ा यमुना का जलस्तर

फिरोजाबाद। हिमांचल, उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते वहां से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। करीब पौन मीटर यमुना के जलस्तर में शनिवार को वृद्धि हो गई। रविवार को इसके और बढ़ने की संभावना है। जिले के यमुना की तलहटी वाले गांवों की लगातार निगरानी जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है।दिल्ली के ओखला एवं मथुरा गोकुल बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण जिले में यमुना नदी में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सुबह आगरा में यमुना का जलस्तर 150.60 मीटर था वहीं शाम को यह बढकर 150.79 मीटर तक पहुंच गया। जबकि शुक्रवार की शाम को यमुना का जलस्तर 150.06 मीटर के करीब था। करीब पौन मीटर पानी का स्तर बढ़ने के साथ जिले के टूंडला,फिरोजाबाद, शिकोहाबाद के साथ-साथ मदनपुर ब्लाक के तलहटी वाले गांवों के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है क्योंकि यमुना नदी में काफी तेज रफ्तार से पानी बह रहा है। एसडीएम सदर विकल्प ने बताया कि तहसील क्षेत्र के पांच से छह गांवों तक पानी पहुंचता है। इनका चिह्नांकन कर लिया है। इसमें सदर ब्लाक के गांव नयाबांस, भैसावट, माली पट्टी, फरौल नगरिया के साथ ही अल्हादीपुरा गांव शामिल है। उन्होंने कहा कि इन गांवों के ग्रामीणों से संपर्क कर लिया गया है। उनको कंट्रोल रूम के नंबर भी दे दिया है। ताकि तत्काल सूचना दे सकें। क्षेत्रीय लेखपालों को भी सक्रिय कर दिया है। ताकि पल-पल की सूचना मिलती रहे।



ओखला बैराज से शाम को घटा डिस्चार्ज
फिरोजाबाद। जिले में बने कंट्रोल रूम को मिली रिपोर्ट के अनुसार ओखरा बैराज से सुबह तीन लाख 19 हजार 99 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। वहीं शाम को यह 2.57 लाख क्यूसेक तक आ पहुंचा। जबकि मथुरा गोकुल बैराज से शाम को एक लाख 869 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। हालांकि रविवार को यमुना में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। लेकिन सोमवार सुबह अथवा शाम से जलस्तर घटने लगेगा।
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