टूंडला। यमुना में बढ़ते जलस्तर से किसानों की धड़कने तेज होती जा रही हैं। बृहस्पतिवार को करीब दो फीट जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते खादर में खड़ी बाजरा व सब्जियों की फसलों में पानी भर गया है। दिल्ली में यमुना से बाढ़ के हालातों को देखते हुए किसान खेतों पर लगे नलकूपों को उखाड़ने लगे हैं। इसके साथ ही बढ़ते जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए एक लाख 82 हजार क्यूसेक पानी से दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात हैं। इस पानी को टूंडला तक आने में हालांकि अभी करीब एक सप्ताह लग जाएगा। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से यमुना का जलस्तर हररोज बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को करीब दो फीट जलस्तर बढ़ गया। इससे किसानों द्वारा यमुना खादर में उगाई बाजरा, सब्जियों की फसलों में पानी प्रवेश कर गया। रसूलाबाद निवासी किसान रोमन सिंह ने बताया कि अब तक उनकी 20 बीघा बाजरा की फसल में यमुना का पानी प्रवेश कर चुका है। अगर जल्द सप्ताह भर पानी खेतों में भरा रहा तो बाजरा की फल खराब हो जाएगी।
यमुना के निरंतर बढ़ते जलस्तर व दिल्ली के हालातों को देखते हुए तटवर्ती गांवों के किसान डरे हुए हैं। बृहस्पतिवार को जिन किसानों के यमुना किनारे नलकूप लगे हुए थे। उन्होंने पंप, मोटर आदि को निकालते हुए सुरक्षित किया प्रशासन के लोग यमुना क्षेत्र के निकट बसे गांवों के वाशिंदों के संपर्क में है। उन्हें पूरी तरह अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है।
इन गांव के किसानों के खेतों में किया पानी ने प्रवेश
रुधऊ मुस्तकिल, नगला केशों, जटपुरा, छाहरी, बालमपुर, रसूलाबाद, गदलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, नगला गार्डन, ठार डेका, ठार हरवंश, नगला राजपति, ग्वारई, नियामतपुर, नगला मूसटा, नगला नंदा, घुरुकूआ इन गांवों के किसानों के खेतों में पानी प्रवेश कर गया है।
ग्रामीणों को अभी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। यमुना में पानी छोड़ा गया है, लेकिन अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। लेखपाल व सचिवों को अलर्ट कर दिया है। वह निगरानी कर रहे हैं l
सत्येन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी, टूंडला
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