देवर के प्यार ने उसे इस कदर अंधा बना दिया कि कुछ सोचे-समझे बिना ही उसने पति को धोखा देने का प्लान बना लिया। एक ही रात में पति को कंगाल कर दिया। वो देवर के साथ शादी कर नई दुनिया बसाना चाहती थी, लेकिन सीसीटीवी से उसका ये राज खुल गया।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के थाना उत्तर क्षेत्र में शुक्रवार की शाम चूड़ी कारोबारी के घर हुई लूट का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। स्वाती ने ही अपने मौसेरे देवर के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी। देवर डेढ़ साल से चरस का कारोबार कर रहा था। वह अमीर बनने के लिए चरस की बड़ी खेप लाना चाहता था। इसके बाद भाभी के साथ भागकर शादी रचाना चाहता था। भाभी से प्यार की चाहत में उसने लूट की योजना बनाई। इसमें उसके साथ जेल में रह चुके एक साथी प्रशांत बोरे ने रुपये के एवज में उसकी मदद की। पुलिस ने देवर-भाभी सहित तीन आरोपियों को जेल भेजा है।
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एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि मोहल्ला तिलक नगर निवासी राहुल गुप्ता के घर शुक्रवार की शाम करीब 40 लाख से अधिक की लूट हुई थी। इसमें पीड़ित की मौसी के बेटे वैभव और अभिषेक निवासी लोहिया नगर और पत्नी स्वाती गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। 24 लाख 4 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। लूटकांड में व्यापारी की पत्नी ने आरोपियों का साथ दिया। आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। स्वाती ने वैभव की मदद करने के उद्देश्य से पूरा घटनाक्रम रचा था। वैभव मुरादाबाद में अपनी दादी की हत्या कर चुका है, जिसमें उसे जेल भेजा था। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले थे। इससे कई अहम सुराग हाथ लगे थे। एसएसपी ने थाना उत्तर पुलिस व रामगढ़ पुलिस को 25 हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है।
वैभव से थे स्वाति के प्रेम संबंध
उत्तर थाना प्रभारी कमलेश सिंह ने बताया कि 17 वर्ष पहले पिता की मौत के बाद वैभव, उसके छोटे भाई अभिषेक गर्ग और उसकी मां मुरादाबाद से आकर फिरोजाबाद में चूड़ी कारोबारी विजय कुमार गुप्ता के घर पर रहने लगे थे। इस बीच वैभव और पुत्रवधू स्वाति के बीच प्रेम संबंध हो गए। पूरे परिवार को इसकी भनक लगने के बाद डेढ़ वर्ष पहले तीनों को घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वे लोहिया नगर में किराए के मकान में रहने लगे। स्वाती और उसके परिवार के ही लोग उनका खर्चा उठाते थे। इसके बाद भी वैभव और स्वाती चोरी-छिपे मिलते रहे। इस बात को लेकर कुछ दिन पहले कारोबारी के परिवार में लड़ाई हुई थी।
प्रशांत बोरे की प्लानिंग पर चला पूरा नाटकीय घटनाक्रम
थाना प्रभारी उत्तर कमलेश सिंह ने बताया कि मूल रूप से इस घटना की प्लानिंग प्रशांत बोरे ने की। प्रशांत बोरे की दोस्ती वैभव से जेल में हुई थी। वैभव अपनी दादी की हत्या में मुरादाबाद जेल में बंद रहा था। प्रशांत बोरे महाराष्ट्र से दिल्ली फ्लाइट से आया। दिल्ली से कैब बुक कर एक दिन पहले ही वैभव के पास आ गया था। वैभव व प्रशांत ने तय किया था कि अगर लूट में परिवार का सदस्य बाधक बनता है तो उसे वह जान से मार देगा। फिर चाहे स्वाती का पति भी क्यों न हो। बताया जाता है कि लूट की बाकी रकम प्रशांत के पास है। वारदात के बाद प्लानिंग यह थी कि लूट की रकम से वह चरस बेचकर उस रकम को चार से पांच गुना जल्द कर लेगा। इसके बाद स्वाति उसके साथ पति को छोड़कर फरार हो जाएगी।