किसानों का आरोप था कि समिति पर तैनात सचिव मनमानी कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार डीएपी नहीं दे रहे हैं। छोटे किसानों को घंटों कतार में लगने के बाद एक अथवा दो बोरी तक भी डीएपी नहीं मिल पा रही है। किसानों के हंगामा करने पर सचिव ने पूरे मामले से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर कोतवाली जसराना से पहुंचे पुलिस फोर्स ने डीएपी का वितरण कराया। इस दौरान पूरे दिन समितियों पर हंगामे के हालात बने रहे।
एसडीएम ने दी यह दलील
एसडीएम जसराना विवेक राजपूत ने कहा कि किसानों के एक साथ पहुंचने के कारण डीएपी का वितरण करने में परेशानी हो रही है। किसानों द्वारा हंगामा करने की सूचना पर उतरारा एवं जसराना खास समिति पर पुलिस को भेजकर डीएपी का वितरण कराया है। निजी दुकानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
जसराना खास की साधन सहकारी समिति के सचिव श्यामबाबू सिंह ने बताया कि डिमांड के सापेक्ष समिति को डीएपी की कम बोरियां मिली हैं। किसानों के द्वारा हंगामा किया जा रहा था। इसके कारण एसडीएम जसराना को सूचना दे दी थी। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में डीएपी का वितरण कराया गया।
जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने कहा कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता है। क्षमता से अधिक भीड़ समितियों पर पहुंचने के कारण इस तरह की स्थिति बन रही है। डीएपी एवं यूरिया की किल्लत जिले में नहीं होने दी जाएगी।
नहीं हुआ खाद का वितरण
शिकोहाबाद में मंडी समिति स्थित इफको सेंटर पर शुक्रवार को खाद का वितरण नहीं हुआ। वहां मौजूद किसानों ने बताया कि खेत की परेवट किए हुए 15 दिन से भी ज्यादा समय हो गया है। डीएपी नहीं मिली तो फसलों की बुवाई पर बुरा असर पड़ेगा। क्षेत्र में मौजूद ज्यादातर समितियों के यही हाल है।