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Firozabad News: नौशहरा धमाके के दो आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजा जेल

Tue, 24 Sep 2024 06:24 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। नौशहरा के पटाखा गोदाम धमाके के दो आरोपियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की टीमें दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही थीं, लेकिन दोनो आरोपी पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में हाजिर हो गए। यहां से कड़ी सुरक्षा में उन्हें जेल भेज दिया गया।
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नौशहरा स्थित पटाखा गोदाम में 16 सितंबर को रात करीब दस बजे हुए जोरदार धमाकों में कई मकानों के गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हो गए थे। धमाके के आरोपी भूरे खां उर्फ नबी अबदुल्ला को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। घटना में नामजद उसके दोनों पुत्र राजा उर्फ अब्दुल रजा और ताज उर्फ अब्दुल सोहित फरार चल रहे थे।
दोनों की तलाश में थाना पुलिस के साथ एसओजी की टीमें जिले के साथ मध्य प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों में दबिश दे रही थीं। दोनों को गोपनीय ढंग से एक अधिवक्ता ने सीजेएम मीनाक्षी सिन्हा कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने थाना पुलिस से रिपोर्ट तलब करने के साथ दोनों को जेल भेज दिया है।
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नौशहरा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे सांसद, बंधाया ढांढस

शिकोहाबाद। नौशहरा धमाके के पीड़ितों के दर्द को जानने के लिए सांसद अक्षय यादव सोमवार को आठ दिन बाद पहुंचे। मृतक महिला के आवास पर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों को मदद का आश्वासन दिया। अखिलेश यादव के सामने भी इस प्रकरण को रखने का आश्वासन दिया।
सांसद अक्षय यादव सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली। महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने कहा कि हमारे मकानों का बहुत नुकसान हुआ है। प्रशासन इन्हें बनवाने के लिए सिर्फ 6500 रुपये दे रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि आरोपियों के मकानों पर अब तक प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।
इस दौरान वहां मौजूद इंस्पेक्टर ने कहा कि आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है। विधायक डाॅ. मुकेश वर्मा, विधायक सर्वेश यादव, रमेश चंद्र चंचल, जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव, विजय आर्य मौजूद रहे। नगर पालिका से हाइड्रा मंगाकर मकानों के मलबे को साफ कराया।





मीरा देवी के परिजन से की मुलाकात

हादसे में मलबे के नीचे दबने से मां-बेटे मीरा देवी एवं अमन तथा इच्छा, अभिनव और गौतम की मौत हुई थी। सांसद ने मृतका मीरा देवी के घर पहुंचकर उसके पुत्र पवन कुमार एवं अन्य परिजनों से मुलाकात की। इसके अलावा पंचायत सचिवालय में धरने पर बैठीं ग्रामीण महिलाओं का भी दर्द सुना। कई अन्य लोगों के परिजन से भी मुलाकात की।





मदद को बढ़े हाथ, थानेदार की दरियादिली की गांव में चर्चा

पीड़ित परिवारों की मदद के लिए शिकोहाबाद थाना प्रभारी ने एक लाख रुपये की मदद की घोषणा की। उनका कहना है कि पीड़ितों के घर टूटे हैं, उन लोगों को इससे मदद मिल सकेगी। पुलिस की यह दरियादिली गांव में चर्चा का विषय बनी रही।




दूसरे दिन धरने पर बैठी महिला हुई बेहोश
सांसद धरने पर बैठी महिलाओं का दर्द सुनने के बाद सचिवालय से रवाना होने के लिए बाहर निकले। उसी दौरान पंचायत सचिवालय में धरने पर बैठी मृतक गौतम की मां वीनेश देवी अचानक बेहोश हो गई। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि सुबह से भूखे हैं। आज गर्मी भी बहुत है। इसकी वजह से वीनेश बेहोश हो गई। जिसको ग्रामीण गोद में उठाकर अपने साथ गांव में अंदर ले गए।



पटाखा बनाने की सामग्री नष्ट कराई

शिकोहाबाद। नौशहरा धमाके के बाद कुछ टूटे हुए घरों में रखी हुई पटाखा बनाने की सामग्री को अग्निशमन अधिकारी ने पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में नष्ट कराया है। अग्निशमन अधिकारी शिकोहाबाद बृजेश कुमार ने बताया कि कुछ घरों में पटाखा बनाने का सामान रखा हुआ था। जिसको वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के बाद नष्ट करा दिया है।



साड़ी पहन कर कोर्ट पहुंचने के रही चर्चा

फिरोजाबाद। पटाखा विस्फोट प्रकरण में दस-दस हजार रुपये के इनामी शिकोहाबाद के रुकनपुरा निवासी सगे भाई राजा उर्फ अब्दुल रजा एवं ताज उर्फ अब्दुल सुहैल ने न्यायालय में सरेंडर का प्रार्थनापत्र 19 सितंबर को अधिवक्ता के माध्यम से दिया था। न्यायालय ने 21 सितंबर को थाने से रिपोर्ट तलब की थी। उस दिन आरोपी हाजिर नहीं हुए। न्यायालय में सरेंडर करने की तिथि 24 सितंबर तय की थी। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता ने सोमवार को न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया कि थाने की आख्या न्यायालय के समक्ष आ चुकी है इसलिए सुनवाई कर ली जाए। न्यायालय ने भी पुलिस थाने की आख्या का अवलोकन करते हुए आरोपियों को वांछित होना पाया और न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। न्यायालय में चर्चा रही कि दोनों आरोपी अपने चेहरों को ढककर या फिर साड़ी पहनकर आए थे। ताकि पुलिस अथवा कोई अन्य पहचान नहीं सके। हालांकि इसके चर्चा के पीछे पुलिस का बचाव बताया जा रहा है। संवाद
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