फिरोजाबाद। फिरोजाबाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 9 राजीव सिंह ने 16 वर्ष पुराने मामले में दो दोषियों को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम में तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच- पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
तत्कालीन थानाध्यक्ष शिकोहाबाद अरुण कुमार शर्मा ने 30 अक्टूबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि थाना शिकोहाबाद क्षेत्र शम्भू नगर निवासी भरत यादव व पप्पू उर्फ जयवीर सिंह निवासी बीलपुर थाना बेवर ज़िला मैनपुरी हाल मोहल्ला खेड़ा थाना शिकोहाबाद द्वारा संगठित गिरोह बनाकर हत्या एवं रंगदारी जैसे जघन्य अपराध करते है। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई एवं निस्तारण विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एवं अपर जिला जज कोर्ट नं0 9 राजीव सिंह की न्यायालय में की गयी। शासन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मुरारीलाल लोधी ने केस को साबित करने के लिए उच्चतम एवं उच्च न्यायालय की तमाम दलील पेश करते हुए अधिक से अधिक सजा दिए जाने की याचना की।
न्यायाधीश राजीव सिंह ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली का गहनता से अध्ययन करने के बाद दोनों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई।