फिरोजाबाद। क्षमता विस्तार, शिफ्टिंग और नई इकाई स्थापना के लिए कांच चूड़ी उद्योग की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिक गईं हैं। बीते दिन हुई टीटीजेड कमेटी ने सैक्टोरियल गाइड लाइन को सशर्त अनुमोदन दे दिया है। वहीं दो अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण की भार वहन क्षमता का अध्ययन भी कराया जाएगा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई टीटीजेड की बैठक कांच उद्यमियों के लिए मामूली राहत वाली साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल कांच इकाइयों में क्षमता विस्तार संबंधी मामले में सुनवाई चल रही है। टीटीजेड कमेटी ने शहर के प्रमुख औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ एवं राजा का ताल क्षेत्र में पर्यावरण की भार वहन क्षमता का अध्ययन कराने को भी निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद कांच नगरी के नवीन इकाइयों की स्थापना की राह खुलेगी। इसके लिए नीरी अथवा अन्य कोई एजेंसी को नामित किया जाएगा। पर्यावरण की भार वहन क्षमता के अध्ययन पर खर्च धनराशि का भुगतान पीसीबी को करना होगा।