फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट इफराक़ अहमद ने 29 वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति के साथ गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के मामले में चार वर्ष का कठोर कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। घटना थाना फरिहा क्षेत्र की 10 जुलाई 1995 की है। ग्राम चिरावली के सालिगराम ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि वह बहुजन समाज पार्टी का कार्यकर्ता है। समय करीब 8:00 बजे शाम बस लेकर फिरोजाबाद से बसपा रैली के लिए आये थे, तो फरिहा से जगदीश यादव निवासी ग्राम अजायपुर ने हाथ देकर गाड़ी रोकी। गाड़ी में बैठकर बरथरा पुलिया पर जबरन गाड़ी रुकवा ली। करीब दो घंटे तक गाड़ी को रोके रखा। जातिसूचक शब्द कहे एवं गालियां दी। कुछ लोगों ने उसे हटाया। तब वह जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना उपरांत दोषी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमें की सुनवाई एवं निस्तारण विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय में की गयी। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र सिंह सोलंकी ने की। न्यायाधीश इफराक अहमद ने जगदीश को चार वर्ष का कठोर कारावास एवं तीन हजार रुपये की सजा सुनाई।