फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने पांच वर्ष पुराने मामले में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। अर्थदण्ड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। मामला तीन अप्रैल 2018 का थाना उत्तर क्षेत्र का है। पीड़िता की मां ने अभियोग दर्ज कराते हुए कहा कि उसकी 15 वर्षीय बेटी कमरे में सो रही थी। रात्रि 12 बजे देखा तो बेटी कमरे में नहीं थी। खोजबीन की तो वह अनिल के घर में बेहोशी की हालत में मिली। पीड़िता ने होश में आने पर बताया कि अनिल ने कुछ काम की बात कहकर दरवाजा खुलवाया और मुंह बंद करके अपने घर ले गया। वहां उसके साथ गंदा काम किया। पीड़ित बेटी की शादी कराने की बात कहकर पहले समझौता करा दिया था। लेकिन वह समझौता नहीं करना चाहती थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करके अनिल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला सेशन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट प्रथम अबशेश कुमार सिंह के न्यायालय में पहुंचा। न्यायालय में छह गवाहों ने बयान दिए। शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक अवधेश भारद्वाज ने दोषी को सख्त सजा दिलाने को न्यायालय के समक्ष कई दलीलों को रखा। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर अनिल को दोषी मानते हुए दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।