खोदने के बाद ठीक नहीं कराई गई सड़क
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एसपी सिटी आफिस के सामने से मथुरा नगर को जाने वाले मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब आठ माह पहले कराया गया। यह मार्ग काफी खराब था। मार्ग निर्माण के तीन माह बाद ही पाइप लाइन को ठीक करने को खोद दिया। मार्ग को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि इस मार्ग का निर्माण आठ माह पहले हुआ है। जबकि इस मार्ग से स्कूली बच्चें भी गुजरते है।
पांच माह नहीं चल सका मार्ग
नगला बरी चौराहा से सैलई को जाने वाले 60 फुटा मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब 46 लाख रुपये से कराया था। यह मार्ग शहर का प्रमुख मार्ग है। जेडाझाल परियोजना की लाइन के कारण यह मार्ग पांच माह भी ठीक नहीं रहा। दो बार लाइन डालने के लिए जल निगम ने नई सड़क को खोद दिया। भले ही सड़क निर्माण के लिए जल निगम ने नगर निगम को भुगतान कर दिया हो। लेकिन आज सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे होने के साथ ही सड़क जर्जर है।
खराब सड़क से निकलने में होती है परेशानी
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अग्रवाल धर्मशाला के लिए जाने वाला मार्ग भी बदहाल
रेलवे रोड पुलिस चौकी के पास तिकोनिया से अग्रवाल धर्मशाला तक जाने वाले मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब 60 लाख रुपये से कराया था। सड़क निर्माण के साथ साइड पटरी भी बनी थी। क्षेत्रीय लोगों द्वारा लंबे अर्से से मांग करने के बाद यह मार्ग दो साल पहले लॉकडाउन में बना था। लाइन लीकेज को ठीक करने के लिए इस मार्ग को खोद दिया गया।
महाप्रबंधक नगर निगम जलकल रामबाबू राजपूत ने बताया कि जिन स्थानों पर लीकेज और लाइन को ठीक करने के लिए सड़क को खोदा जाता है। वहां पर पेचवर्क कराने के साथ मरम्मत भी करा दी जाती है। कुछ स्थानों पर यदि सड़क खुदी है तो उसको ठीक कराया जाएगा। ताकि शहर के नागरिकों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।