शिकोहाबाद। युवक की हत्या के आरोप में पुलिस ने दो माह बाद मृतक की पत्नी सहित सात लोगों पर हत्या और साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोपियों पर धमकी देने का आरोपी भी लगाया।
पीड़िता ऊषा देवी पत्नी सतीशचंद्र निवासी रूधऊ थाना नसीरपुर की तहरीर पर पुलिस ने हत्या और विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ऊषा ने तहरीर में लिखा है कि दस अप्रैल को उनके गांव की आशा कार्यकर्ता लाडो देवी और उसके पति कांती प्रकाश ने बताया कि उनका लड़का सागर सिंह गंभीर हालत में अस्पताल में पड़ा है। जानकारी पर जब वह अस्पताल पहुंची तो बताया कि उसे फिरोजाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जब जिला अस्पताल पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला।
इसके बाद उसने सागर के ससुर को फोन कर जानकारी की। तब उन्होंने बताया कि हम लोग नेशनल अस्पताल सिकंदरा आगरा में हैं। जब आगरा पहुंचे तो वहां मेरा बेटा बेहोशी की हालत में पड़ा था। वहां पर संजय, करन सिंह, श्यामू और सालिनी मिले। जब पुत्र की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसको लेकर सैफई में भर्ती कराया। जहां 14 अप्रैल को उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसके बेटे की साजिश के तहत हत्या की गई है। उसे हादसे का रूप दिया गया है। इसके बाद 29 मई को शालिनी अपने पिता के घर चली गई। पीड़िता का आरोप है कि पुत्रवधू शालिनी और उसके परिवार के लोग तभी से उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़िता की तहरीर पर दो माह बाद 23 जून को थाना पुलिस ने सालिनी, संजय, श्यामू, अभय निवासी नगला मानसिंह मक्खनपुर और अमन, आशू और करन सिंह निवासी अयोध्या नगर रामलीला ग्राउंड शिकोहाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपियों को गिरफ्तार कर उसको न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। प्रभारी निरीक्षक हरवेंद्र मिश्रा का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।