फिरोजाबाद। इंवेस्टर्स समिट में आए लगभग 2500 करोड़ के प्रस्ताव विकास प्राधिकरण की एनओसी के अभाव में अधर में लटके हैं। बीयर प्लांट एवं प्लैज (प्राइवेट इंडस्ट्रीज लैंड) जैसे प्रस्ताव विप्रा की हरी झंडी नहीं मिलने के कारण ही धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। हालांकि बीते दिन सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान अधर में लटके प्रस्तावों को धरातल पर उतारने को जरूरी मंथन हुआ।
इंवेस्टर्स समिट 2023 के दौरान शहर के उद्यमियों और प्रवासी भारतीय द्वारा दिए करीब 2500 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर अभी भी रोड़ा अटका हुआ है। इसका प्रमुख इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए चिह्नित की गई भूमि पर इकाई स्थापना को फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण की हरी झंडी नहीं मिल पा रही है। खास तौर पर प्रवासी भारतीय प्रिंस वर्मा द्वारा लखनऊ में दिए लगभग 150 करोड़ के बीयर प्लांट एवं प्लैज (प्राइवेट इंडस्ट्रीज लैंड) से जुड़े 2500 करोड़ की लागत वाले पांच प्रस्ताव अभी भी अधर में लटके हैं।
हालांकि उद्योग विभाग और प्रस्तावक उद्यमियों द्वारा उक्त सभी प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है, लेकिन विप्रा की महानगर योजना नियमावली एवं इंडस्ट्रीज स्थापना को चिह्नित भूमि पर लगने वाला विकास शुल्क की दरें उद्यमियों को भारी पड़ रहीं हैं। यही कारण है कि कांच नगरी में अन्य श्रेणी के उद्योगों की स्थापना का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।
लखनऊ तक पहुंची गूंज, तो अफसर हुए सक्रिय
-इंवेस्टर्स समिट से जुड़े प्रस्तावकों (उद्यमी) अब शासन स्तर पर पत्राचार करने लगे हैं। यही कारण है कि बीते शुक्रवार की शाम को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें इंवेस्टर्स समिट में आए प्रस्तावों को धरातल पर उतारने को जरूरी एनओसी के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने की हिदायत दी गई। बैठक में उद्यान, कृषि, आबकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग के अलावा नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
इन प्रस्तावों को नहीं मिल पा रही विप्रा की एनओसी
-प्राइवेट इंडस्ट्रीरियल लैंड- कुल पांच प्रस्ताव, लागत लगभग 2500 करोड़
-बीयर प्लांट- प्रस्ताव एक, लागत लगभग 50 करोड़
-होटल एवं पर्यटन- प्रस्ताव दो, लागत लगभग 97 करोड़
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इंवेस्टर्स समिट से जुड़े प्रमुख तथ्य
-इंवेस्टर्स समिट के दौरान आए कुल प्रस्तावों की संख्या-195
-समिट के दौरान आए प्रस्तावों की लागत- 6500 करोड़
-प्रस्तावों के जरिए बेरोजगारों को मिलने वाला रोजगार-25000 (लगभग)
-बीयर प्लांट स्थापना के लिए जो भूमि चिह्नित हुई है। उक्त भूमि एग्रीकल्चर लैंड है। प्लैज योजना एवं रिसोर्ट निर्माण में भी महानगर नियमावली से जुड़ी कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। उक्त तकनीकी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-राजेंद्र कुमार, सचिव फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण