टूंडला। होली सभी अपने घर पर मनाना चाहते हैं। रंगों के इस पर्व पर सभी को होली से पूर्व घर पहुंचने की जल्दी है। इसी के चलते ट्रेनों में काफी भीड़ शुरू है। आरक्षण का आलम यह है कि जून तक फुल हैं। इसके चलते लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रेनों पर लटकर भी यात्रा कर रहे हैं।
रंगों का पर्व होली पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस महापर्व को अपने परिवार के साथ-साथ मिलजुल कर मनाएं। इसके लिए पूर्व से तैयार लोग तो पहले से ही आरक्षण आदि करवा कर अपने घरों पर पहुंच चुके हैं तथा पहुंच रहे हैं। प्राइवेट नौकरी वाले व मजदूर वर्ग के लोग होली से पूर्व अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने घर के लिए रवाना हो रहे हैं। परंतु ट्रेनों में आरक्षण फुल हैं। भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिली रही।
ट्रेनों का आलम यह है कि डिब्बों के शौचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान में सफर कर रहे हैं। कई लोग तो पायदानों पर लटकते हुए यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान ट्रेनों के जनरल कोचों की हालत बेहद खराब है।
गर्मियों की छुट्टियों के लिए चार माह पूर्व ही आरक्षण फुल हो जाते हैं। फिलहाल बिहार जाने वाली ट्रेनें में छह जून तक आरक्षण फुल हैं। वहीं हावड़ा जाने वाली ट्रेनों में 30 मई तक आरक्षण फुल हैं।
मनोज कुमार, सीएमआई
होली पर भीड़ के चलते लटकते यात्रियों को अंदर चढ़ाने के लिए हररोज प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कोई घटना न हो। फिर ट्रेन के चलने पर यात्री स्वयं जान जोखिम में डालते हुए लटक जाते हैं।
अरविंद भारद्वाज, थाना प्रभारी, जीआरपी