फिरोजाबाद। फिरोजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने अक्षय यादव को मैदान में उतारने का एलान कर दिया है। पिछले चुनाव में चाचा शिवपाल यादव भी अक्षय यादव के सामने मुकाबले में खड़े थे। सपा प्रत्याशी को इस चुनाव में भाजपा के हाथों पटखनी मिली थी। जिले में सपा के कुनबे को एकजुट करने की कवायद और पिछड़ा, मुस्लिम वर्ग के सहारे अक्षय यादव तीसरी बार चुनाव मैदान में खड़े हैं। हालांकि परिस्थितियां बदल चुकी है, जिसमें मुनाफे के तौर पर सपा के पास चाचा शिवपाल का साथ है। वहीं दूसरी ओर सपा के कुनबे में शामिल कई कद्दावर अलग राहें पकड़ चुके हैं, यह सपा के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। वर्ष 2014 में मोदी लहर में फिरोजाबाद सीट पर अक्षय यादव ने अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में सपा ने भाजपा के वर्तमान में कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को करारी शिकस्त दी थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को करीब एक लाख 14 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया था, लेकिन प्रदेश की 2017 में सत्ता बदलने के बाद से ही जिले के भी सियासी समीकरण बदलने शुरू हो गए। सपा के कुनबे में पड़ी फूट के कारण चाचा शिवपाल यादव ने भी भतीजे अक्षय के खिलाफ फिरोजाबाद सीट पर ताल ठोंक दी। भतीजे की टक्कर में खड़े चाचा शिवपाल को जिले के कई कद्दावर नेताओं का भी साथ मिला। परिणाम स्वरूप सपा की मजबूत पकड़ वाले फिरोजाबाद सीट से अक्षय यादव को हार का मुंह देखना पड़ा। इस चुनाव में चाचा शिवपाल ने अपनी 91 हजार वोट पाए थे।
चुनाव में सपा की फूट का पूरा फायदा भाजपा के चंद्रसेन जादौन को मिला। वह करीब 25 हजार मतों से चुनाव जीत गए। इस बार फिर अक्षय यादव को तीसरी बार सपा ने मैदान में उतारने का एलान कर दिया है। वह पिछले कुछ समय से सपा के सिपहसालारों के बीच में आ जा रहे हैं। नाराज कार्यकर्ताओं को मना रहे हैं, उनकी नब्ज टटोल रहे हैं। कई पुराने बिछड़े लोगों को शामिल करने की जद्दोजहद भी की जा रही है।
-नेतृत्व का बहुत आभार है, उनके पिछले कार्यकाल में जो काम किए थे, जनता उसे जानती है। जेड़ाझाल योजना के साथ जनता को मीठा पानी दिलाया। फिरोजाबाद को नगर निगम का दर्जा दिलाया, तीन नगर पंचायतें बनाई। इसके साथ ही कई योजनाओं को अमलीरूप दिया।
शिवराज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी