फिरोजाबाद। नारखी ब्लाॅक की बरतरा ग्राम पंचायत में गोशाला निर्माण में 19 लाख की धनराशि पहले ही निकाल ली, लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच करने के लिए टीम पहुंची तो मौके पर काम होता मिला। इसमें चार लाख से अधिक की गड़बड़ी मिली है। इसके लिए दोषी बीडीओ के खिलाफ शासन को पत्र लिखने के साथ प्रधान, सचिव को भी वसूली नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। नारखी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरतरा में आस्थाई गोशाला का निर्माण कराया गया था। गोशाला मे जलभराव एवं कीचड़ होने के कारण गायों को बैठने में काफी दिक्कत हो रही थी। दो गोवंश की मौत होने के साथ ग्रामीणों ने विरोध किया था। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद वहां मनरेगा योजना से काम कराने का निर्णय लिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार 19 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। शिकायत हुई तो सिर्फ मिट्टी डलवाने का काम किया गया और 19 लाख रुपये खर्च दिखा दिया।
इसकी शिकायत जिलाधिकारी डाॅ. उज्जवल कुमार से की गई। डीएम के निर्देश पर जिला स्तरीय अफसरों की जांच टीम गठित की गई। इसमें पीडी डीआरडीए प्रदीप कुमार पांडेय के साथ ही अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने जांच की तो मौके पर काम होता दिखाई दिया। मनमाने ढंग से धनराशि खर्च का मामला संज्ञान में आया। टीम ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी। इस संबंध में सीडीओ दीक्षा जैन ने बताया कि बरतरा गोशाला के निर्माण में गड़बड़ी मिली है। इसमें प्रधान एवं सचिव के साथ एमबी बनाने वाले जेई से वसूली किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। उनको नोटिस जारी किए जाएंगे। नारखी बीडीओ के खिलाफ भी शासन को पत्र भेजा है।