फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद ने आठ वर्ष पूर्व नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी सोनू को आजीवन कठोर कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए) की सजा सुनाई है। 37 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए है। मामला थाना टूंडला क्षेत्र 29 नवंबर 2015 का है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसकी नाबालिग बेटी बुखार की दवा लेने को गई थी। कस्बा टूंडला निवासी शादीशुदा एवं दो बच्चों का पिता सोनू उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। काफी प्रयास करने के बाद वह वापस आ सकी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके मामले की विवेचना करके सोनू के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामला सेशन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद के न्यायालय में सुनवाई के लिए पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अजमोद सिंह चौहान ने करते हुए दोषी सोनू को सख्त सजा दिलाने के लिए दलीलें दीं। अपर जिला जज विजय कुमार आजाद ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर दोषी सोनू को लैंगिक अपराध, किशोरी के अपहरण, एससी-एसटी एक्ट में दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 37 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
मिथ्या साक्ष्य देने पर फौजदारी वाद दायर करने के दिए निर्देश
अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद ने सोनू के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने वाली वादिनी के द्वारा न्यायालय में मिथ्या साक्ष्य दिया गया है। उन्होंने फौजदारी लिपिक को मिथ्या साक्ष्य देने वाली वादिनी के खिलाफ धारा 22 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत फौजदारी प्रकीर्ण वाद पंजीकृत करने के निर्देश दिए।