फिरोजाबाद। साढ़े छह वर्ष पहले नारखी क्षेत्र के गांव की निवासी किशोरी को बहला फुसला कर अगवा और दुष्कर्म करने के दोषी बसई मुहम्मदपुर निवासी युवक को न्यायालय ने मंगलवार को 10 वर्ष की सजा सुनाई। उस पर 21 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। एक अन्य आरोपी को पांच वर्ष की सजा और नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
15 वर्षीय किशोरी 15 मई 2018 को अपनी बड़ी बहन के साथ शौच करने गई थी। गांव के बाहर निकलते ही बसई मुहम्मदपुर निवासी युवक लेखपाल ने अपने साथी आछेलाल, राजपाल, ओम प्रकाश और नगला भवानी निवासी सुजान सिंह के साथ आ गया और किशोरी को बहला फुसला कर अगवा कर ले गया। बड़ी बहन से घटना की जानकारी पर परिजन ने उसे ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। किशोरी के पिता ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी लिखवाई थी। किशोरी को मुंबई समेत अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया था।
लेखपाल ने मंदिर में शादी भी कर ली थी। विवेचक ने लेखपाल और सुजान सिंह के विरुद्ध अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप पत्र जमा किया था। दोनों आरोपियों की फाइलों पर अलग-अलग सुनवाई हुई थी। एडीजे और अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने मंगलवार को एक को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। उसके साथी नगला भवानी निवासी दोषी सुजान सिंह को न्यायालय ने पांच वर्ष की सजा और नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।