फिरोजाबाद। लाइनपार में दिनदहाड़े हत्या का मामला में पुलिस भले ही प्राथमिक जांच में पुरानी रंजिश में हत्या की बात कह रही हो, लेकिन हत्या के पीछे पनपी रंजिश में अवैध खनन की बात सामने आ रही है। वर्ष 2014 में भी अवैध खनन के काम में अधिपत्य को लेकर पनपी रंजिश में 27 मई 2014 को मुन्नालाल के बड़े बेटे मंगल की जान ले ली। इस मामले में भी पंचम सिंह व उसके परिवार के दो अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था।
बताया जाता है कि मंगल हत्याकांड की अंतिम चरण में हैं। इसी को लेकर नीरु के हत्यारोपी पंचम सिंह मंगल के पिता मुन्नालाल पर मामले को रफादफा करने को लेकर दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर कुछ दिन पहले दोनों पक्षों में तड़का भड़की भी हुई थी। शुक्रवार की दोपहर हुई युवक नीरु की हत्या भी यमुना की तलहटी से होने वाले बालू के अवैध खनन के खेल में उत्पन्न दो पक्षों की रंजिश का परिणाम बताई जा रही है।
लाइनपार में सबसे ज्यादा हो रहा अवैध खनन
लाइनपार थाना क्षेत्र में अवैध खनन का बड़ा कारोबार होता है। पुलिस,प्रशासन व सत्ता में दखल रखने वाले रसूखदार लोगों के संरक्षण में यमुना से बालू का खनन करते हैं। कई बार मामला पकड़ में भी आया।
नीरू पर भी दर्ज हैं,तीन मुकदमा-
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक मृतक नीरू पुत्र जगत सिंह के विरुद्ध भी नाना लाइनपार में अवैध खनन, मारपीट व कातिलाना हमले के तीन मामले दर्ज हैं ।
आज मुन्नालाल थे निशाना, चली गई नीरू की जान
हत्यारोपी शुक्रवार को मुन्नालाल को रास्ते से हटाने की तैयारी में थे। जैसे ही मुन्नालाल रुपसपुर चौराहे की ओर गया, इसी बीच हत्यारोपी पहले से ही बंदूक व अन्य असलहा लेकर रास्ते पर खड़े हो गए। बताते हैं कि शुरू में बाइक को रोकने की कोशिश हुई। लेकिन जब बाइक नहीं रुकी तो हत्यारोपियों ने सीधे गोली दाग दी। गोली मुन्नालाल को न लगकर नीरू के सीने में जा लगी।