टूंडला। टोल प्लाजा पर वाहन मुफ्त निकालने को लेकर विधायक के आवास पर टोल मैनेजर की पिटाई के मामले की टूंडला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। टोल मैनेजर का आरोप है कि विधायक के पत्र पर गाड़ी नहीं निकलने देने पर विधायक आवास पर बुलाकर पिटाई की गई। तीन के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया था। वहीं विधायक ने टोल स्टाफ पर अभद्रता करने पर टोल मैनेजर को बुलाने की बात कही है। पिटाई का आरोप गलत बताया है। टोल मैनेजर किरण दन्नात्रय भगत की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार घटना 23 मार्च दोपहर 1:15 बजे की है। एक कार टूंडला टोल पर पहुंची थी, गाड़ी चला रहे युवक ने टूंडला विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर का पत्र दिखाकर गाड़ी निकालने के लिए कहा। इस पर टोल कर्मचारियों ने गाड़ी को मुफ्त में निकालने से मना कर दिया। इस पर गाड़ी चालक बिना टोल दिए ही टोल बेरियर तोड़कर गाड़ी निकाल ले गया। आरोप है कि घटना के कुछ देर बाद विधायक के नंबर से उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन पर उन्हें बात करने के लिए विधायक आवास पर बुलाया गया।
जब मैनेजर विधायक आवास पर पहुंचे तो विधायक ने पत्र दिखाने के बावजूद गाड़ी न निकालने को लेकर उन्हें खरीखोटी सुनाई। इसी दौरान वहां उपस्थित शरद पौनियां, ट्रूकॉलर पर नाम आने पर जितेंद्र प्रताप सिंह व एक अन्य व्यक्ति ने पिटाई की। मैनेजर का आरोप है कि दोबारा गाड़ी न निकालने पर जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी अनुज कुमार का कहना है कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
-एनएचएआई के ऐसे कोई निर्देश व प्रावधान नहीं है, जिसमें विधायक के पत्र पर गाड़ियों को फ्री निकाला जाए। विधायक के पत्र पर सौ से ज्यादा गाड़ियां फ्री में निकल रही हैं। इसका विरोध किया तो विधायक आवास पर बुलाकर मेरे साथ पिटाई की गई।
किरण दन्नात्रय भगत, मैनेजर टोल प्लाजा, टूंडला
-टोल कर्मचारी आए दिन वाहन चालकों से अभद्रता करते हैं, जिसे रोकने व समझाने के लिए टोल मैनेजर को बुलाया था। पिटाई के आरोप पूरी तरह गलत हैं।
प्रेमपाल सिंह धनगर, विधायक टूंडला