फिरोजाबाद। लॉकडाउन की अवधि में लोग मानसिक तनाव में न आए। इसलिए राष्ट्रीय सेवा योजन द्वारा काउंसलर बनाए गए हैं। एनएसएस वालंटियर्स की बैठक का आयोजन नोडल अधिकारी नवीन महेश्वरी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें वालंटियर्स को प्रशिक्षित किया गया। एमजी डिग्री की प्रोफेसर एवं एनएसएस अधिकारी डा. संध्या द्विवेदी ने मेन्टल हेल्थ पर वालंटियर्स के साथ चर्चा की। कहा कि इस महामारी ने हमें घरों में कैद कर दिया है। ऐसे समय में मेन्टल हेल्थ पर बात करना आवश्यक है। इससे उन्हें इस तनाव व स्थिती से बाहर निकाल कर उनके चेहरे पर थोड़ी सी मुस्कराहट बिखेर सकें। उन्होंने कहा कि कि हम अपने आप में यह कैसे जानेंगे कि हम या अपने आस पास के लोग मानसिक तनाव की स्थिति में है या नहीं। बताया कि अगर जल्दी जल्दी मूड स्विंग होना, समाज से अपने आप को अलग कर लेना, अपने आप में खोए रहना, चिड़चिड़ापन, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होना आदि लक्षण है। इन सब के कारण हम अनेक बीमारी के शिकंजे में फसते जाते है।अवसाद तनाव डिप्रेशन जिसके अनेकों पर्याय है। इस तनाव से खुद बचाते हुए एवं अपने आस पास समाज में नई ऊर्जा फैलाने के लिए कुछ सकारात्मक प्रयास करने चाहिए। इस दौरान एनएसएस कॉर्डिनेटर डॉ. रामवीर सिंह चौहान , डॉ. अशोक श्रोतीय, दाऊदयाल महिला कॉलेज की डॉ. नम्रता त्रिपाठी और एनएसएस वालंटियर्स सम्मलित थे। इस प्रकार तनाव से बचेनियमित एक्सरसाइज करें, मेडिटेशन, किताब पढ़े, संगीत सुनें, नया सीखें,