फिरोजाबाद। जिले के मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब छात्रों की संख्या पर मानदेय या वेतन देने की तैयारी विभाग कर रहा है। अल्पसंख्यक निदेशालय रजिस्ट्रार द्वारा जिलों को पत्र भी भेज दिया गया है। उन मदरसा संचालकों में उथल-पुथल है, जिनमें छात्रों की संख्या न के बराबर है और शिक्षक पूरे हैं।
मदरसा पोर्टल पर मदरसा में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं के साथ शिक्षकों की संख्या को अपलोड करना होगा। जिले में एक एडेड व 50 से अधिक अन्य मदरसे संचालित हैं। यह अपने रजिस्टरों में छात्र-छात्राओं की संख्या अच्छी खासी दिखाए हुए है। छात्रों की संख्या के आधार पर ही आधुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरसों में विभिन्न विषयों के शिक्षक भी रखे गए हैं और सरकार से मानदेय व वेतन ले रहे हैं।
पहले मदरसा में पढ़ने वाले छात्रों की का विवरण यू डायस पर अपलोड होता था लेकिन निदेशालय के आदेश आने के बाद अब यू डायस पर छात्रों का विवरण अपलोड करने के बाद मदरसा पोर्टल पर छात्रों के साथ ही मदरसा में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विवरण ऑनलाइन करना होगा। ऊपर से आदेश आने के बाद विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। आधार कार्ड अनिवार्य कर दिए जाने से ऑन लाइन फीडिंग में कोई हेराफेरी भी नहीं कर पाएगा।
एडेड व आधुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरसों को यू डायस के साथ ही मदरसा पोर्टल पर छात्रों, शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन करना होगा। भविष्य में छात्रों की संख्या के आधार पर ही मदरसों के शिक्षकों को वेतन व मानदेय दिया जाएगा। - कृष्णमोहन सिंह, प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी