फिरोजाबाद। थाना रसूलपुर क्षेत्र में एक बालिका दुपट्टे से झूला डालकर झूल रही थी। इसी दौरान उसके गले में फंदा कस गया। इससे वह अचेत हो गई। जानकारी होने पर परिजन आनन-फानन उसे सरकारी ट्राॅमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां गंभीर अवस्था में उसे भर्ती कर लिया गया। जगह के अभाव में चिकित्सकों ने बालिका को आगरा रेफर कर दिया। पिता व परिजन की रोती सूरत देख भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। अंत में परिजन उसे खुद ही आगरा ले गए। रसूलपुर आसफाबाद टूटी पुलिया निवासी सोनेलाल की 10 वर्षीय पुत्री राधिका घर में दुपट्टे का झूला बनाकर उस पर झूल रही थी। अचानक झूला फंदे में तब्दील हो गया और गले में कस गया, जिससे बालिका अचेत हो गई। रसोई से निकलकर मां चीखती हुई बालिका के पास पहुंची और फंदा खोलकर उसे बचाया। सूचना उसके पिता को दी। इसके बाद आनन-फानन बालिका को सरकारी ट्राॅमा सेंटर लाया गया। तब यहां चिकित्सक डॉ. राहुल जैन के साथ उनके अधीनस्थ भी मौजूद थे। चिकित्सकों ने अपनी औचारिकताओं को पूरी करने के बाद बालिका को आगरा रेफर करने लगे। पिता ने कहा कि वह मजदूर है और रोने लगा। उसके बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। जगह के अभाव का हवाला देते हुए कहीं और ले जाने के बात कहकर बालिका को डिस्चार्ज कर दिया गया। पिता रोते हुए अपनी पुत्री को उपचार के लिए ले गया।