उर्स कुतबैन के चार दिवसीय उर्स में सरकारी चादर पेश की गई। रात में सूफियाना कव्वाली की महफिल सजाई गई, जिसमें दूरदराज से आए कव्वालों ने कलाम पेश किया।
शहर काजी शाह नियाज अली ने तमाम शायर और कव्वालों का इस्तकबाल किया। मंगलवार की रात को महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। इसमें कव्वाल शम्सुददीन, सगीर बीसलपुरी, अल्लाह नूर, शमीम, अजीज ताज, अनवर, मासूम ने सूफियाला कलाम पेश किया। सूफी हिलाल अनवारी अबरारी ने बताया कि बुधवार की सुबह 11 बजे दरगाह शरीफ पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। वहीं गत रात मुशायरे में चाहत खान ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘ये रोशनी जो नजर आ रही है दुनिया को, हमे नूर का दरिया दिखाई देता है’। मुशायरे में हजरात सूफी रज्जाक, सूफी रोशन, सूफी तालिब, सूफी मुश्ताक, एजाज अली, अबसार हुसैन, दिलशाद अली राजू, सैयद आमिर अली, अजहरउद्दीन, अकरम, खालिद जमाल सिद्दीकी, हाजी उजैर, सुबूर अली, सैयद फरहान अली, वकील अफगानी मौजूद रहे।