महाविद्यालय में संविदा कर्मचारियों को कार्य मुक्त के नोटिस, रोष
- अस्थायी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने दी महाविद्यालय परिसर में आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। नारायण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार सिंह ने महाविद्यालय में तैनात अस्थायी दस कर्मचारियों को धन अभाव का कारण बताते हुए कार्यमुक्त करने का नोटिस थमा दिया है। प्राचार्य ने उक्त कर्मचारियों को किसी विभाग की चाबियां या दस्तावेज हैं कार्यालय अधीक्षक पर जमा करने के निर्देश दिए हैं। इससे शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
अस्थायी कर्मचारियों ने एकत्रित होकर शुक्रवार को कोतवाली पहुंच कर एसएचओ को एक प्रार्थनापत्र दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी विगत 20 वर्षों से नारायण महाविद्यालय में कार्य कर रहे हैं। दो फरवरी को एकाएक बिना किसी कारण के दस कर्मचारियों को प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय से कार्य मुक्त करने का एक पत्र उपस्थित पंजिका पर चस्पा कर दिया है। जब इस संबंध में कर्मचारी प्राचार्य से मिलने गए तो उन्होंने प्रबंधक का आदेश बता कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। जब प्रबंधक के पास पहुंचे तो वह कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। अचानक बिना किसी कारण कर्मचारियों को महाविद्यालय से हटाने पर उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट आ गया है। कर्मचारियों ने निर्णय लिया है कि पुन: रखे जाने की मांग को लेकर वे शांतिपूर्वक महाविद्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे।
तीन माह पूर्व नोटिस दिए थे
महाविद्यालय में फंड नहीं है। इस लिए इन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है। इन्होंने तीन माह पूर्व भी प्रदर्शन किया था, उस समय उनके अनुरोध पर हमने दो माह का कार्य बढ़ा दिया था,लेकिन अब प्रबंध कमेटी ने स्पष्ट मना कर दिया है।
डॉ. विजय कुमार सिंह, प्राचार्य
इन कर्मचारियों को दिए हैं नोटिस
प्रदीप कुमार यादव, प्रदीप तिवारी, संजय कुमार, धर्मेंद्र सिंह, उमेश चंद्र, राहुल शर्मा, आनंद कुमार, राम कुमार,रमेश चंद्र,योगेंद्र सिंह हैं। वहीं सुनील कुमार एवं मनोज कुमार को दो माह पूर्व कार्यमुक्त किया जा चुका है।