फिरोजाबाद। अब बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों के लिए तैयार होने वाले मध्याह्न भोजन पर मां की नजर रहेगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में मां समूह का गठन होगा। प्रत्येक समूह में छह महिला सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इनमें से एक महिला हर दिन विद्यालय पहुंचकर भोजन चख कर उसकी गुणवत्ता परखने का काम करेगी। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने पर यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
जिले में 1862 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 1.80 लाख बच्चे पढ़ते है। विद्यालयों में पढ़ने वाले इन बच्चों के लिए पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन खिलाया जाता है। इसके लिए शासन से मेन्यू का निर्धारण भी किया गया हैं। शासन से लगभग 27 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कंवर्जन कॉस्ट पर खर्च किया जाता है। इसके अलावा गेहूं व चावल अलग से उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालयों में छह सदस्यीय महिलाओं का समूह के गठित करने का निर्देश दिया है।
इन समूहों में विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की मां को भी शामिल किया जाएगा। इस समूह का नाम मां रखा जाएगा। इस समूह की एक महिला प्रतिदिन विद्यालय जाकर भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच करेगी।
इन बिदुओं पर रहेगी नजर
-पके भोजन की गुणवत्ता।
-भोजन का मेन्यू के अनुसार वितरण।
-भोजन के लिए निर्धारित वजन की मात्रा।
-रसोई की साफ सफाई।
-दूध, फल एवं भोजन वितरण के सही समय।
-भोजन के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता।
-शासन से सभी विद्यालयों में मां समूह के गठन के निर्देश मिले हैं। स्कूल खुलने पर इन समूह का गठन कराया जाएगा। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सोनू शर्मा, डीसी एमडीएम।