फिरोजाबाद। एटा जनपद से सटे ब्लाक नारखी के कई गांव एवं जसराना एवं अरांव में करीब 230 गांव में खेतीबाडी के लिए पानी उपलब्ध कराने वाली सैंगर नदी की साफ-सफाई शुरू हो गई है। जिन गांव में इस नदी पर अतिक्रमण अथवा सील्ट सफाई की जानी है। उन जगहों पर मंगलवार को मनरेगा के तहत जीणोद्वार का काम शुरू हो गया। एटा जिले से निकल कर फिरोजाबाद के नारखी,जसराना एवं अरांव ब्लाक क्षेत्र में करीब 67 किलोमीटर का दायरा पार करते हुए इटावा स्थित यमुना नदी में मिलने वाली सैंगर नदी जल्द ही बदले हुए रूप में नजर आएगी। जिला प्रशासन द्वारा जिले की सीमा में इस नदी का जीणोद्वार मनरेगा योजना के माध्यम से कराए जाने की रूपरेखा तैयार की है। जिले के करीब 230गांव में खेतीबाडी के लिए पानी उपलब्ध कराने वाली यह नदी कई जगहों पर अतिक्रमण की चपेट में होने के साथ ही सील्ट जमा हो जाने के कारण मृतप्रायः स्थिति में है। जिन जगहों पर अतिक्रमण है अथवा अत्याधिक सील्ट जमा है। उन जगहों को चिहिंत कर सफाई अभियान मंगलवार से शुरू हो गया। मनरेगा श्रमिकों द्वारा मंगलवार को नारखी ब्लाक के गांव भीतरी एवं जसराना ब्लाक के विलासपुर गांव से अभियान की शुरूआत हुई। एपीओ मनरेगा रामविलास दोहरे के अनुसार नदी की सील्ट सफाई एवं मेढबंदी हेतु आगामी 15 जून तक की तिथि निर्धारित की गई है।