फिरोजाबाद। लंबे समय से मानदेय की आस में बैठे मनरेगा श्रमिकों का बकाया भुगतान के लिए ग्राम विकास विभाग ने शासन से 81 लाख, 68000 रुपए की डिमांड शासन को भेजी है। लॉकडाउन के दौरान बकाया भुगतान को लेकर मनरेगा श्रमिकों ने अधिकारियों से गत दिनों गुहार लगाई थी। जिले के विभिन्न ब्लाकों में काफी समय पूर्व सम्पन्न कराए मनरेगा कार्यों में लगे श्रमिकों को उनका मानदेय नहीं मिला है। लॉक डाउन के दौरान कामकाज बंद होने के कारण मनरेगा श्रमिकों के समक्ष आर्थिक मुसीबत बढ गई हैं। मनरेगा श्रमिकों ने इस आशय का एक पत्र प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को दिया था। जानकारी के अनुसार अरांव ब्लाक में दस, एका में 34, फिरोजाबाद में 21, जसराना में 30, खैरगढ में 24, मदनपुर में 23, नारखी में 18, शिकोहाबाद में 23 एवं टूंडला ब्लाक में तीन कुल 186 मनरेगा श्रमिक ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय से बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।मनरेगा श्रमिकों की ओर से गत दिनों इसकी मांग ग्राम विकास विभाग एवं सीडीओ से की गई थी। सीडीओ के निर्देश पर जिले की मनरेगा सेल द्वारा शासन को 186 मनरेगा श्रमिकों के बकाया भुगतान के लिए 81 लाख, 68000 हजार रुपए की डिमांड शासन से की गई है।