फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट इफराक अहमद ने नौ वर्ष पुराने मामले में अनुसूचित जाति की महिला की हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतका के आश्रितों को देने के आदेश दिए हैं।
घटनाक्रम थाना खैरगढ़ 25 मई 2014 का है। वादी रामभरोसे लाल ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा पत्नी सूरजमुखी सुबह दस बजे आम के पेड़ की रखवाली करने जंगल की ओर गई थीं। शाम साढ़े पांच बजे बेटा विजेंद्र सिंह खेतों की ओर गया तो सूरजमुखी चरी के खेत में मृत अवस्था में मिलीं। शरीर पर कई चाकू से कटे के निशान थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत थाना खैरगढ़ के बिजौली निवासी भूरा उर्फ भूपेंद्र, उमला यादव तथा थाना नसीरपुर के ग्राम गुढ़ा निवासी बंगाली यादव के विरुद्ध हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मुकदमें की सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज एससी-एसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय में पहुंचा।
न्यायालय में तमाम गवाहों ने ब्यान दिए। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने केस को साबित करने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय की तमाम दलीलें दीं। उमला यादव, बंगाली यादव पहले से ही जेल में हैं जबकि भूरा उर्फ भूपेंद्र जमानत पर था। न्यायाधीश इफराक अहमद ने भूरा उर्फ भूपेंद्र, उमला यादव एवं बंगाली यादव को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।