फिरोजाबाद। अपर जिला जज ग्यारह एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित क्षेत्र रवींद्र कुमार तृतीय ने थाना जसराना के गांव नगला रंजीत में 29 वर्ष पूर्व पड़ी डकैती के छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 20-20 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह- छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। डकैती के दौरान घायल हुई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
घटनाक्रम थाना जसराना क्षेत्र के 31 मई 1993 का है। थाना जसराना के नगला रंजीत निवासी होतीलाल ने मुकदमा दर्ज कराया था कि घर पर उसके घर पर पत्नी बाला देवी, बेटा निहाल सिंह, पुत्रवधू नरायन देवी, बेटी प्रेमवती व हरप्यारी लेटे थे। इस दौरान सूरजपुर रुधैनी नगला ढाक निवासी उसका समधी महाराज सिंह, साथी भोला उर्फ राजकुमार, सुघड़ सिंह उर्फ सुघड़ा, उसका दामाद सराय मटियारी निवासी लाखन सिंह एवं शोभाराम तथा लाखन का बहनोई व थाना फरिहा के कल्लू ने पत्नी बालादेवी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बचाने दौड़े तो तमंचा रख दिया।
चीख पुकार को सुनकर गांव के लाइसेंसधारियों ने फायरिंग की। फायरिंग किए जाने के बाद बदमाश भाग गए। पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामला अपर जिला जज ग्यारह रवींद्र सिंह तृतीय के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ललित बघेल एवं नरेंद्र कुमार राठौर ने दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पैरवी की। न्यायाधीश ने साक्ष्य एवं गवाहों के बयान पर महावीर, भोला उर्फ राजकुमार, सुघड़ सिंह उर्फ सुघड़ा, लाखन, शोभाराम एवं कल्लू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तथा बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।