बछिया (गाय) को उपचार न मिलने पर गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों में आक्रोश फैल गया।पशु चिकित्सालय के बाहर स्टेशन रोड पर जाम लगा दिया।गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने बछिया को अस्पताल में रखने को दबाव बनाया लेकिन पशु चिकित्सालय में तैनात स्टाफ ने बछिया को रखने मना कर दिया।
फिरोजाबाद। बछिया (गाय) को उपचार न मिलने पर गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों में आक्रोश फैल गया। पशु चिकित्सालय के बाहर स्टेशन रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित युवकों को समझाकर जाम खुलवा दिया।
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गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारी घायल अवस्था में बछिया को लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचे। जिसको प्राथमिक उपचार के लिए मथुरा ले जाने को कहा गया। गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने बछिया को अस्पताल में रखने को दबाव बनाया लेकिन पशु चिकित्सालय में तैनात स्टाफ ने बछिया को रखने मना कर दिया। गौरक्षा वाहिनी के पदाधिकारी आक्रोशित हो गए। पशु चिकित्सालय के सामने स्टेशन रोड पर जाम लगा दिया। यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। जाम की सूचना पर दक्षिण पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद त्रिपाठी का कहना था कि कुछ युवक बछिया को उपचार के लिए अस्पताल लेकर आए थे। उसके पैर की हड्डी टूटी थी। जिसका इलाज यहां पर नहीं हो सकता था। प्राथमिक उपचार के साथ ही मथुरा पशु चिकित्सालय ले जाने की बात कही लेकिन वह बछिया को वहां लेने जाने से मना करने के साथ ही अस्पताल में रखने के लिए दबाव बनाने लगे। लंपी वायरस के कारण पशुओं को अस्पताल में रखने पर रोक लगी है। इस पर युवक आक्रोशित हो गए और जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया था। दो दिन बाद बछिया को ले जाने की बात कहकर अस्पताल में छोड़ गए हैं। थानाध्यक्ष दक्षिण बैजनाथ सिंह का कहना है कि जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है।