फिरोजाबाद। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। गर्भवती महिलाओं के लिए आई आयरन टेबलेट प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भेज दी। ब्लाक संसाधन केंद्र नारखी पर जब शिक्षक और स्टाफ ने टेबलेट को देखा तो चौंक गए। उन्होंने टेबलेट के वितरण पर रोक लगा दी। शुक्रवार को सुबह ही स्वास्थ्य विभाग ने टेबलेट वापस मंगा ली।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिषदीय स्कूलों में आयरन की टेबलेट का वितरण किया जाता है। ताकि बच्चों में खून की कमी न रहे और कुपोषण का शिकार न हों। बच्चों के लिए कम डोज की नीले रंग की टेबलेट बांटी जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन पूर्व दो लाख चार हजार टेबलेट बीआरसी नारखी पर भेजी। आयरन की गोली वहां से कई स्कूलों के लिए शिक्षकों को दे दी गई । टेबलेट बच्चों को खिलाने से पूर्व शिक्षक और स्टाफ की नजर पड़ी। शिक्षकों ने देखा कि यह टेबलेट ज्यादा डोज की है। जबकि बच्चों के लिए टेबलेट नीले रंग की जगह लाल रंग की थी। शिक्षकों ने इसकी शिकायत बीआरसी पर दी। बीआरसी पर भी टेबलेट की जांच की। यह टेबलेट गर्भवती महिलाओं के उपयोग में आने वाली थी। आनन-फानन में बीआरसी से उन शिक्षकों को फोन करके टेबलेट वितरण पर रोक लगा दी। स्वास्थ्य विभाग को भी गलत टेबलेट बच्चों के लिए वितरण कराने की जानकारी लगी। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को सुबह ही यह टेबलेट वापस मंगा ली। चिकित्सकों की मानें तो सभी दवाओं की डोज निश्चित है। कौन सी आयरन टेबलेट बच्चों को दी जानी है, कौन सी गर्भवती महिलाओं को। निश्चित तौर पर ज्यादा डोज की दवा खाने से नुकसान हो सकता था।
क्या कहते हैं अधिकारी
गलत आयरन टेबलेट वितरण की जानकारी मुझे नहीं है। मैं सही बात को जानकर ही कुछ कह सकूंगा। जो दवा जिसके लिए है, वही दवा वितरण की जाए। गलत दवाओं का वितरण करगा नुकसानदेह हो सकता है। लापरवाही किस स्तर से हुई, इसकी भी जानकारी करुंगा।
डॉ. रामबदन सिंह, सीएमओ