शिकोहाबाद। बृहस्पतिवार रात अपहरण की फर्जी सूचना से शिकोहाबाद पुलिस के पसीने छूट गए। एक युवक ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को अपहरण की सूचना दी थी। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है। जांच के बाद मामला खेत के इकरारनामे के बकाया चार लाख रुपये के लेनदेन का निकला। पुलिस पकड़े गए दोनों युवकों से पूछताछ कर मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मदमाह निवासी ऊषा देवी ने गांव जफराबाद निवासी विजयपाल से खेती की भूमि का लगभग ढाई लाख रुपये देकर इकरारनामा किया था। जिसमें बकाया धनराशि देने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया था। एक वर्ष बीतने के बाद ऊषा देवी लगातार खेती की भूमि का बैनामा कराने के लिए कह रही थीं। लेकिन चार वर्ष बीतने के बावजूद विजयपाल खेत की भूमि का बैनामा नहीं कर रहे थे। बृहस्पतिवार रात ऊषा देवी के पुत्र रोहित (27) ने विजयपाल के पुत्र जनवेद कुमार (28) को घर पर बुलाया था। इस दौरान भूमि का बैनामा करने या फिर इकरारनामा में दिए गए रुपये को वापस करने के लिए कहा गया। इतने में जनवेद ने अपने फोन से पुलिस नियंत्रण कक्ष को खुद का अपहरण करने की झूठी सूचना दे दी।
पुलिस नियंत्रण कक्ष ने तत्काल ही अपहरण की सूचना से शिकोहाबाद पुलिस को अवगत कराया। इस सूचना से पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने मौके पर जाकर तत्काल ही दोनों युवक रोहित एवं जनवेद को हिरासत में ले लिया और अपने साथ पूछताछ के लिए थाने ले आई। जहां पूछताछ के बाद अपहरण की कहानी झूठी निकली। इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अपहरण की कहानी पूरी तरह से झूठी है। मामला खेती की भूमि के रुपये के लेनदेन का है। दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है।