फिरोजाबाद। मौसम ने करवट ली है। बारिश ने गर्मी से कुछ राहत तो दिलाई है, लेकिन स्किन डिजीज (त्वचा संबंधी रोग) रोगों को जन्म दे दिया है। इसका असर बृहस्पतिवार से मेडिकल कॉलेज में दिखना शुरू हो गया। त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या में हुई बढ़त चौंकाने वाली है। ऐसे में चिकित्सकों ने ऐसी बीमारियों से बचने के तरीके भी सुझाए हैं।
डायरिया और लू से लोग तो पहले से ही चिंतित हैं। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी ने त्वचा संबंधित रोगों को मानव शरीर पर अपना प्रभाव दिखाने के लिए सक्षम कर दिया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इससे पहले त्वचा संबंधी रोग के मामले कुल मरीजों के आंकड़े के मुताबिक दो-चार फीसदी रहते थे, लेकिन अब तो 10 फीसदी मरीज इस समस्या से परेशान हैं। बृहस्पतिवार को हमेशा मरीजों की संख्या कम होती है। लेकिन, इस बार मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चर्म रोगी की संख्या 382 रही। चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. नमन कुमार ने बताया कि लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है। इससे यह समस्या उत्पन्न होने से रोकी जा सकती है। अभी फंगल इंफेक्शन के मरीज आना शुरू हो गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में एलर्जी, घमौरी, लाल चकत्ते, लाल रंग के छोटे-छोटे दाने, त्वचा में खुजली होना आदि के मरीज आ रहे हैं।
-
यह बरते सावधानी...
ज्यादा पसीना न आने दें।
गीले कपड़ों से बनाएं दूरी।
बारिश में भीगने से बचें।
अचानक धूप में न जाएं।