फिरोजाबाद। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने दिनचर्या में बदलाव कर लिया है। लोगों ने सुबह-सुबह टहलना और व्यायाम करना छोड़ दिया है। शारीरिक श्रम कम होने से शुगर के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हररोज 20 से 25 नए मरीज मिल रहे हैं। इनमें कई की शुगर 350 के ऊपर पहुंच रही है। कई मरीजों पर दवाओं का असर नहीं हो रहा, ऐसे में ओवर डोज या इंसुलिन का सहारा लेना पड़ रहा है। जबकि यह मरीज नियमित व्यायाम कर शुगर को कंट्रोल किए हुए थे।तापमान में गिरावट आने से लोग जल्द जागने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में व्यायाम और पार्कों में भी टहलने नहीं जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि दैनिक दिनचर्या अव्यवस्थित होने से शरीर में इंसुलीन बनना कम हो जाता है। इस कारण शुगर के मरीज बढ़ते हैं। 40 साल से अधिक उम्र वालों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। सर्दियों में वजन बढ़ने के साथ ही शारीरिक श्रम कम होना इसका बड़ा कारण है। फिजिशियन डाॅ. नीरज गुप्ता ने बताया कि इन दिनों रोजाना 20 से 25 नए मरीज चिह्नित किए जा रहे हैं। इसमें 20 साल से कम के बच्चे भी शामिल हैं।
बढ़ती शुगर के लक्षण
-बेहोशी की समस्या
-मतली आना।
-धुंधला दिखाई देना।
-चीजों पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
-बहुत ज्यादा प्यास महसूस होना।
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इस तरह नियंत्रित की जा सकती है शुगर
-एक घंटा रोजाना तेज गति से टहलें, साइकिल चलाएं।
-एक बार से अधिक उपयोग किए तेल में बनी सामग्री न खाएं।
-खूब पानी पीयें, धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन क्रीम लगाएं।
-भोजन में हरी सब्जी, दाल और मौसमी फल खाएं।
-योग करें, तनाव दूर करने के लिए अपनी हॉबी पूरा करें।