नगर निगम का आनलाइन टैक्स जमा कराने का सिस्टम दम तोड़ रहा है। प्रचार प्रसार के अभाव में लोग आनलाइन हाउस और वाटर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं।
बताते चलें कि तत्कालीन जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने स्वकर प्रणाली सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे। घरेलू भवन स्वामियों के साथ कामर्शियल एवं उद्योग इकाइयों पर भी स्वकर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अवैध वसूली पर लगाम लगाने और जनता की सुविधा के लिए आनलाइन टैक्स जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। वेबसाइट भी बनी लेकिन ऐसी तमाम कवायदें अब दम तोड़ रही हैं। निगम कर्मचारियों की लापरवाही के चलते टैक्स ना ही मैनुअल और न आनलाइन जमा हो रहा है। आनलाइन टैक्स की प्रणाली की बातें भी नगर आयुक्त रामौतार रमन महज कार्यक्रमों में ही करते हैं। निगम द्वारा जिस प्लानिंग को बताया जाता है उसे क्रियान्वित नहीं किया जा सका।