सदर विधायक ने विधानसभा में उठाया था डग्गामार वाहनों का मामला
- फोटो : अमर उजाला
बिना परमिट हाइवे पर दौड़ते वाहनों का मामला विधानसभा में गूंजा तो प्रशासन को भी कार्र्रवाई की याद आई और एआरटीओ प्रवर्तन सड़क पर ही दिखाई दिए। उन्होंने नौ बसों को पकड़ सीज कर दिया।
नगर विधायक मनीष असीजा ने गत सोमवार को हाइवे पर बिना ही परमिट के दौड़ रही बसों के मामले को विधानसभा में उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि यह डग्गामार बसें मैनपुरी और इटावा से पंजीकृत हैं, जो बिना किसी परमिट के ही संचालित हो रही हैं। विधायक के सवाल पर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री यासिर शाह ने कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जैसे ही मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया, वैसे ही फीरोजाबाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में एआटीओ प्रवर्तन राम सिंह यादव ने बुधवार से अपनी टीम के साथ हाइवे और अन्य सड़कों पर अभियान चला दिया। सड़कों पर गुजरने वाली डग्गामार बसों को पकड़ा। दस बसों को सीज कर दिया, तो दस से शमन शुल्क वसूला। हालांकि इटावा और मैनपुरी से नेताओं के फोन घनघनाते रहे, लेकिन किसी की नहीं सुनी। यह सभी बसें इटावा, शिकोहाबाद की हैं। यह बसें आगरा, नोएडा, फीरोजाबाद, मथुरा तक की सवारियों को लाती ले जाती हैं। एआरटीओ की सख्ती से अवैध रूप से संचालित होने वाली बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। एआटीओ रामसिंंह यादव ने कहा कि अवैध रूप से संचालित होने वाली इन बसों के खिलाफ विभाग के अभियान जारी रहेगा। विधायक ने कहा कि इन बसों के संचालित होने से परिवहन निगम को हर दिन लाखों रुपये की चपत लग रही है। बसों के चालक-परिचालक सरकारी बसों के आगे अपनी बसों को खड़ा करके जबरन सवारियों को भरते हैं। जब भी कोई उनका विरोध करता हैं, उन्हें मारापीटा जाता है।