हत्या के दोषी मिले बारह बीघा मोहल्ले के युवक असलम को अदालत ने आजीवन कारावास दिया है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि उसके दो भाईयों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला बारह बीघा निवासी रफत छह अक्तूबर 2007 को पत्नी शमीम और भाई चमन के साथ घर पर मौजूद था। तभी मोहल्ले में रहने वाला असलम अपने साथी के साथ रफत को घर से बुलाकर ले गया। रफत के काफी देर तक घर न लौटने पर खोजबीन की गई, तो कब्रिस्तान के पास उसकी गर्दन कटी लाश पड़ी थी। पुलिस ने मृतक के भाई इलियास की तहरीर पर असलम और उसके भाई इसरार तथा इस्लाम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। आरोप पत्र दाखिल होने पर यह मुकदमा अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह की अदालत में चला। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चंचल ने बताया कि साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह ने असलम को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास, 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। जबकि आरोपी के भाई इसरार और इस्लाम को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय से बरी कर दिए गए।